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भागवत कथा है साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का दर्शन --हृदयानंद शास्त्री।


सासाराम (रोहतास):
सासाराम के कम्पनी सराय में चल रही श्रीमद्भागवत कथा चौथे दिन मंगलवार को कथा वाचक हृदयानंद शास्त्री उर्फ भिखारी बाबा काशी वाले ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और कंस वध का भजनों सहित विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जन्म लेकर भी जो व्यक्ति पाप के अधीन होकर इस भागवत रूपी पुण्यदायिनी कथा को श्रवण नहीं करते तो उनका जीवन ही बेकार है और जिन लोगों ने इस कथा को सुनकर अपने जीवन में इसकी शिक्षाएं आत्मसात कर ली हैं तो मानों उन्होंने अपने माता-पिता और पत्‍‌नी तीनों के ही कुल का उद्धार कर लिया है। 

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने गोवर्धन की पूजा करके इंद्र का मान मर्दन किया। भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने का साधन गौ सेवा है, श्रीकृष्ण ने गाय को अपना आराध्य मानते हुए पूजा एवं सेवा की। सभी श्रद्धालु याद रखें कि गो सेवक कभी निर्धन नहीं होता। श्रीमद् भागवत कथा साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का दर्शन है। 

यह कथा बड़े भाग्य से सुनने को मिलती है। इसलिए जब भी समय मिले कथा में सुनाए गए प्रसंगों को सुनकर अपने जीवन में आत्मसात करें। इससे मन को शाति भी मिलेगी और कल्याण होगा। कलियुग में केवल कृष्ण का नाम ही आधार है जो भवसागर से पार लगाते हैं। परमात्मा को केवल भक्ति और श्रद्धा से पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन इस संसार का नियम है। यह संसार परिवर्तनशील है, जिस प्रकार एक वृक्ष से पुराने पत्ते गिरने पर नए पत्तों का जन्म होता है इसी प्रकार मनुष्य अपना पुराना शरीर त्यागकर नया शरीर धारण करता है।

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