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कार्तिक पूर्णिमा कल, जाने शुभ मुहूर्त


बिक्रमगंज(रोहतास)
विष्णु पुराण के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा की संध्या पर भगवान विष्णु का मत्स्यावतार हुआ था । एक अन्य मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही महादेव ने त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का वध किया था, इसलिए इसे त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहते हैं । इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दीपदान करने की भी परंपरा है । कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा कहते हैं । इस साल 19 नवंबर 2021 दिन शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा है । कार्तिक पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है । इस दिन गंगा स्नान, दीपदान, यज्ञ और ईश्वर की उपासना का वशेष महत्व माना जाता है । इस दिन किए जाने वाले दान-पुण्य समेत कई धार्मिक कार्य विशेष फलदायी होते हैं । कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुबह के समय किसी पवित्र नदी, सरोवर या कुंड में स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है । स्नान के बाद दीपदान के साथ ही भगवान श्रीकृष्ण और राधा की पूजा का विधान है । मान्यता है कि इस दिन किए गए दान से पुण्यफल भी दोगुना मिलता है । गाय, हाथी, घोड़ा, रथ और घी का दान करने से संपत्ति बढ़ती है, वहीं भेड़ का दान करने से ग्रहयोग के कष्टों दूर होते हैं । कार्तिक पूर्णिमा के दिन व्रत रखने वालों को इस दिन हवन जरूर करना चाहिए । इसके साथ ही यदि व्रती किसी जरुरतमंद को भोजन कराते हैं, तो उन्हें काफी लाभ मिलता है ।


  • कार्तिक पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त :-


कार्तिक पूर्णिमा की तिथि - 19 नवंबर 

पूर्णिमा तिथि आरंभ- 18 नवंबर को रात 12 बजकर 02 मिनट से आरंभ

पूर्णिमा तिथि समाप्त- 19 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 29 मिनट तक रहेगा ।

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