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आज भी भारतीय कला-संस्कृति की एक जबरदस्त परंपरा लोक नाटक को जीवित रख रहे हैं: शिवजी पंडित


वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

वैशाली: तेजी से बदलाव के दौर में सारी दुनियां जहां मोबाइल, कंप्यूटर आदि पर आश्रित होते जा रही है वहीं आज भी भारतीय कला-संस्कृति की एक जबरदस्त परंपरा लोक नाटक को जीवित रखते हुए हर वर्ष महुआ के बाली बथना में शिवजी पंडित के शानदार निर्देशन में नाट्य परंपरा सांस ले रही है।

 बताते चलें कि अपने आप में यह गाँव सबसे अलग है। छठ पर्व के शुभ अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा खेला गया नाटक गरीब घर की बेटी उर्फ लाचार की चर्चा हर ओर पर है। आज भी सामाजिक व पुरानी गलत परंपराओं को लेकर आये दिन जो घटनाएं हम देख रहे हैं। उसके ऊपर जबरदस्त प्रहार किया गया है। इस अवसर पर दर्शकों की भारी भीड़ इस बात की गवाही दे रही थी कि स्थानीय मनोरंजन का शानदार विकल्प नाटक हीं है।

मंच संचालन प्रीतम कुमार झा ने किया। इस नाटक में उमेश कुमार, पप्पु कुमार,राकेश कुमार, शिवा,अहमद,रितेश,शिव किशोर,शिवराज,विवेक,शिवम,कार्तिक, अजय,सुधीर, रहमान, शिवनाथ के अलावा स्त्री पात्र के रूप में गणेश और सुजित ने अपने बेहतरीन अभिनय से उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। व्यवस्थापक के रूप में मौजेलाल पंडित और रामानंद सिंह जी की सफल भूमिका निभाई।

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