Breaking News

कुर्था सूर्य मंदिर प्रांगण में भव्य तरीके से मनाई गई देव दीपावाली



विरेंन्द्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट / कुर्था(अरवल) : देवताओं की दिपावाली दरअसल कुर्था  में देव  दीपावली का त्योहार मनाया गया। सभी घाटों को दीयो  से सजाया गया। आपको बता दें कि देव दिपावाली कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि यानी देव दीपावली पर्व पर पवित्र नदियों गंगा− यमुना के घाटों पर लोग दीपक जलाते ही है। विश्व विख्यात इस धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के परम्परा को देवताओं की दीपावली भी कहते हैं।पौराणिक कथाओं के अनुसार त्रिपुरासुर नामक राक्षस के अत्याचारों से सभी बहुत त्रस्त हो चुके थे। तब सभी को उसके आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान शिव ने उस राक्षस का संहार कर दिया। जिससे सभी को उसके आतंक से मुक्ति मिल गई। जिस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का संहार किया था। वह कार्तिक पूर्णिमा का दिन था। तभी से भगवान शिव का एक नाम त्रिपुरारी पड़ा। इससे सभी देवों को अत्यंत प्रसन्नता हुई। तब सभी देवतागण भगवान शिव के साथ काशी पहुंचे और दीप जलाकर खुशियां मनाई कहते हैं कि तभी से ही काशी में कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दिपावाली मनाई जाती रही है। इस दिन  दीप दान का  भी बहुत महत्व माना जाता है इसलिए इस दिन विशेष रूप से दीपदान किया जाता हैं। इस मौके सूर्य मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अशोक चौरासिया, कोषाध्यक्ष उपेंद्र कुमार,सचिव पंकज कुमार सन्नी, सदस्यगण पिंटू कुमार, टिंकू कुमार, चंदन कुमार, शशिकांत कमल, पंकज केसरी,काँग्रेस प्रखंड अध्यक्ष डॉ0 विनय सिंह एवं कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। साथ ही साथ रंगोली कार्यक्रम में अलका कुमारी,सोनाली कुमारी,निशा कुमारी, मुस्कान कुमारी,अंजलि कुमारी एवं दीपोत्सव में हजारों महिलाओं एवं पुरषों ने भाग लिए और लगभगपांच हजार पांच दिपक  जला कर  आयोजन किया गया एवं आज ही सूर्य मंदिर  गुम्बज निर्माण का शिलान्यास भी किया है।

कोई टिप्पणी नहीं

Type you comments here!