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अरवल के चहुमुंखी विकास, भाई चारे को स्थापित करना मेरा लक्ष्य: महानन्द


अरवल जिला ब्यूरो वीरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट

  • सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि यह सूरत बदलनी चाहिए !

कभी पदाधिकारी पर विधायक का दबाव बनाने के मामले में पीसी, कभी वही पदाधिकारी भ्रष्ट नज़र आने लगे हैं और विधायक का स्वार्थ क्या है ? मेरा तो जनता का स्वार्थ ही मेरा व हमारी पार्टी का स्वार्थ है. न तो मैं विजनेस मैन हूं और नहीं मेरे कल्चर में दलाली ही है. विधायक को घेरने के लिए जो व्यक्ति एक भ्रष्ट पदाधिकारी का सहारा लेता है उसपर क्या कहा जाए.

मैंने उस व्यक्ति के पक्ष में खड़ा था जो बीजेपी का कट्टर समर्थक थे. रकसिया के रहने वाले हैं जिनकी गाड़ी छोडवाने के लिए मुझे गाली तक सुनना पड़ा। एक भ्रष्ट पदाधिकारी के साथ हुई वार्ता का ऑडियो टेप के आधार पर पीसी किया गया। मैंने जब अरवल सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट, ब्लड बैंक, ऑपरेशन सुविधा, अल्ट्रासाउंड समेत कई मामले सदन में उठाया, माननीय मुख्यमंत्री महोदय, स्वास्थ्य मंत्री महोदय, जिला प्रभारी मंत्री महोदय, प्रधान सचिव से मिल कर कई काम करवाने में सफल हुआ तो मैंने अरवल के विकास के विरोधी मैंने कभी नहीं देखा जिसने मंत्री महोदय से अरवल में विकास पर लगाम लगाने के लिए दबाव बनाया गया. 

मनोज जी से मैं अरवल के विकास के मामले में किए जाने वाले आंदोलनों से हमेशा प्रभावित रहता हूं और मुझे उर्जा भी मिलती है. लेकिन कुछ चीज का सवाल बनाकर निशाना साधते हुए लोगों की मंशा को समझने की भी जरूरत है.

अरवल की साझी विरासत, गंगा-जमुनी तहजीब को अक्षुण्ण रखने में आपसी भाइ चारे की संस्कृति को बनाये रखने में शुरू से ही अग्रिम पंक्ति खड़ा रहने का भरपूर कोशिश रही है. तनाव पैदा करना मेरा कभी भी फितरत में नहीं रहा है. 

मैंने अरवल अस्पताल यानि स्वास्थ्य, पुस्तकालय यानि पढ़ाई, नहर यानि सिंचाई छात्रों के भविष्य के लिए विद्यालय को दुरुस्त करने, यहां कोई भी जिला मुख्यालय में डिग्री कॉलेज नहीं है उसके लिए आवाज उठाने, दो-दो वैसे कॉलेज जिसमें गरीबों के बच्चे बीए तक पढ़ाई करते हैं उस कॉलेज का भविष्य अंधकार में है उसको उबारने के लिए मैं सतत प्रयास कर रहा हूं. मेरा यही सब स्वार्थ है. 

बाईपास, रेलवे लाइन(बिहटा से बरुन) ट्रॉमा सेंटर निर्माण से लेकर नहर पर कई जगहों पर पुल का निर्माण का सवाल मेरा यदि निजी स्वार्थ है तो वैसे दृष्टि दोष वालों के लिए मुझे कुछ नहीं कहना है. 

मेरे पास जो भी आते हैं मैं तुरन्त संज्ञान लेता हूं और पदाधिकारी पर जनता के काम के लिए दबाव बनाता हूँ. चाहे मेरे पास भाजपा के ही लोग आने वाले क्यों न हों.

उसरी में खाद दुकान को रद्द करने के खिलाफ मैंने लेटर लिखा, मेहँदीया में बिजली से हुई मौत के लिए मालिक को फंसाने की कवायद को दूर किया और जोरदार तरीके से पीड़ित के लिए फायदे के हिसाब से पीड़ित परिवार को सलाह दिया ताकि अनावश्यक रूप से मालिक को फंसाया नहीं जा सके. 

साहब लोगों की सरकार है 16 साल से भी ज्यादा दिनों से है. मधुश्रवा को अभी तक पर्यटनस्थल के रूप में नहीं रखा गया है. उसके लिए मैंने जोरदार तरीके से आवाज उठाया है और रिपोर्ट भी भेजवाने के लिए स्थल पर पदाधिकारी के साथ बैठक भी किया. वहां तो मेरे सपोर्टर्स का आधार कम है . क्या इसी तरह से सोंचेगा तो विकास कैसे होगा ? 

दरअसल सोंच के मामले में विचारों की दरिद्रता बहुत ही पिछड़ापन की ओर धकेल देता है. बिंदास सोंचिए. आने वाले पीढ़ी के भविष्य के बारे में सोंचिये. अरवल में गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत के महत्वपूर्ण धरोहर को पुनर्जीवित करने के मामले मैं चिंतित रहता हूँ।

अरवल बस स्टैंड के नामकरण के लिए 1857 के योद्धा बाबू जीवधर सिंह के नाम पर करने, आजादी के शहीदों के नाम पर शहीद पार्क बनाने, अरवल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्व बढ़ाने वाले ग्रामीण संग्रहालय व पुस्तकालय/वाचनालय का निर्माण की योजना है. अरवल में गोदानी सिंह कॉलेज के पास मैदान को पार्क के रूप में विकसित करने की योजना है ताकि मॉर्निंग वॉक से लेकर नौजवानों की जोड़ी को बैठकर बात करने का खुला सौंदर्य वाला जगह हो।

 मैं अरवल को वैसा चाहता हूं कि किसी भी कार्यालयों में कोई भी आदमी अपना काम के लिए जाएं तो बिना दलाली के उनका काम हो जाए. थाना में कोई गरीब, सबसे कमजोर जाए तो उसके साथ कोई बदतमीजी से पेश नहीं आये. दुर्गानंद मिश्रा का मॉडल सभी थानों में बने. मेरा अरवल का सपना यही सब है. सेक्स वर्करों को कोई प्रताड़ित न करे उसे भी आदमी समझा जाए और उनकी समस्या का व्यवहारिक समाधान निकाला जाए।

मैं तो जनसंवाद के जरिए समस्या जानने का कार्यक्रम लेते रहता हूं. समस्या से टकराना मेरा और मेरी पार्टी का मुख्य काम रहा है और उसी नक्से पर चल रहा हूं।


आप का एक कार्यकर्ता

महानन्द

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