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बच्चों को दी गई फाइलेरिया रोग से बचाव की जानकारी, जागरूकता फैलाने हेतु प्राचार्य ने दिलाई बच्चों को शपथ


बिक्रमगंज
(रोहतास) फाइलेरिया की रोकथाम को ले सोमवार को नटवार रोड स्थित मॉडल चिल्ड्रेन स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन कर फाइलेरिया रोग के बारे में विस्तार से बताया गया ।दवा सेवन के बारे में भी जानकारी दी गई । बच्चों को शपथ भी दिलाई गई कि यदि दवा सेवन के लिए स्वास्थ्य कर्मी उनके घर आएंगे तो वे उस दवा का सेवन अवश्य करेंगे । वे परिजनों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे ।फाइलेरिया से होने वाले हाथी पांव, हाइड्रोसील तथा स्तन की सूजन के बारे में भी बताया गया । निदेशक मोहम्मद अय्यूब खान और प्राचार्या जेबा खान सहित सभी शिक्षक सहित अन्य लोग मौजूद रहे । निदेशक ने कहा कि इससे हाथी पांव तथा पुरुषों में हाइड्रोसील व महिलाओं में स्तन सूजन जैसी समस्या होती है ।फाइलेरिया के विषय में जानकारी देते हुए प्राचार्या ने बताया कि किसी भी उम्र में इसका संक्रमण हो सकता है ।संक्रमण का पता 5 से 7 सालों के बाद पता चलता है । संक्रमण होने से ठंड लगने के साथ ही बुखार और हाइड्रोसील की समस्या होती है । कई बार पांव में सूजन हो जाती है जिसे हाथीपांव कहा जाता है । हाथीपांव होने की स्थिति में इसका कोई इलाज नहीं है और दैनिक जीवन में कई तरह की परेशानियां होने लगती है । जिसके कारण विकलांगता बढ़ती है । जो दवा दी जानी है उस के सेवन से बचाव होगा । निदेशक मो.अय्यूब खान ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि यूचेरिया ब्रेकॉफटाई परजीवी के कारण शरीर का लिम्फेटिक सिस्टम प्रभावित होता है । मच्छर के काटने से अब परजीवी मनुष्य तक पहुंचता है ।इससे हाथीपांव व पुरुषों में हाइड्रोसील व महिलाओं में स्तन में सूजन जैसी समस्या देखने को मिलती है । यह फाइलेरिया रोग है । यदि किसी व्यक्ति को हाथीपांव हो जाता है , तो इससे उसका पूरा जीवनकाल प्रभावित होता है । हाथी पाँव जैसे रोग होने से रोगी सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ जाता है । इसलिए दवा का सेवन कर शरीर को परजीवी से मुक्त रखा जाता है ।

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