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बैंक निजीकरण के खिलाफ दो दिवसीय हड़ताल पर बैंक कर्मी, सरकार मांगों को नही मानेगी तो होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल


बिक्रमगंज
(रोहतास)स्थानीय शहर में गुरुवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले सरकारी बैंकों के निजीकरण के खिलाफ बैंक कर्मियों ने दो दिवसीय हड़ताल की। इसको लेकर प्रखंड क्षेत्र के सभी सरकारी व गैर सरकारी बैंक कर्मी भी हड़ताल में शामिल रहे । जिसको लेकर गुरुवार को बैंकों में सभी काम काज ठप रहा । जिस हड़ताल का व्यापक असर बैंक उपभोक्ताओं पर पड़ा । लेकिन दूसरी तरफ देखा जाये तो जहां सरकारी बैंकों में ताला लटका रहा वही निजी बैंक खुले रहें । इस हड़ताल तहत बिक्रमगंज शहर स्थित एसबीआई , बैंक ऑफ इंडिया , केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा , पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक, इलाहाबाद बैंक की शाखा में भी पूर्णतः ताले लटके रहे । जिस कारण खाताधारकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी । ग्रामीण क्षेत्र के उपभोगताओं को हड़ताल की जानकारी नही थी । जिसके कारण वो सुबह से ही बैंक के पास बैंक खुलने की प्रतीक्षा करते रहे । बाद में उन्हें मालूम हुआ कि हड़ताल को ले बैंक नही खुलेगा तो निराश हो घर लौट गए । यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर अभी 17 दिसंबर तक यह राष्ट्रव्यापी हड़ताल जारी रहेगी । इस हड़ताल के संबंध में सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक व अन्य कर्मियों ने बताया कि बैंकों के निजीकरण होने से बेरोजगारी में बढ़ोतरी होगी । साथ ही साथ उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ेगी । जिस फैसले को भारत सरकार को जल्द से जल्द वापस लेनी चाहिए । यदि सरकार उनकी मांगों को पूरी नही करती तो पुनः एक बार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर कर्मी जाने के लिए बाध्य होंगे । इस मौके पर शाखा प्रबंधक अजय कुमार , प्रदीप कुमार व कर्मी नरेंद्र कुमार , पिंटू प्रसाद , चंदन कुमार , हनुमंत लाल , बिक्रम कुमार , संतोष कुमार सहित अन्य मौजूद थे ।

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