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किसानो का धान तैयार, नहीं मिल रहे है खरीददार, पैक्स भी नहीं खरीद रहे धान,किसान परेशान


बिक्रमगंज
(रोहतास) प्रखंड क्षेत्र के किसानो का धान बिकने के लिए तैयार है, परंतु कोई खरीदार नहीं मिल रहा है । पैक्सों ने भी सरकार के नये फरमान को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं । वहीं मजबुरी मे कुछ किसान स्थानीय व्यापारी को 1300 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेंचने को विवश है । किसान दोहरी मार झेल रहे है । एक तरफ खाद की किल्लत के कारण महंगे दामों पर खाद खरीद रहे हैं तो दूसरी तरफ 13 सौ से 14 सौ रुपये धान बेंचने को मजबुर हैं । किसानो के सभी कार्य जैसे शादी-विवाह, बच्चों की पढ़ाई, रबी फसल के लिए खाद- बीज, दोनो फसलों के लिए जुताई का भाड़ा आदि महत्वपूर्ण कार्य धान बीक्री पर हीं निर्भर करता है । जरुरतोंं को पूरा करने के लिए किसान औने पौने दामो पर धान बेंचने को विवश हैं । अभी पैक्स भी धान खरीद को लेकर उत्साहित नहीं हैं । क्रय केंद्र खोलने के बावजूद धान खरीद नहीं हो रहा है । इसके पीछे बिहार सरकार का नया आदेश बताया जा रहा है । बिहार सरकार ने पैक्सों को निर्देश दिया है कि पैक्स धान खरीद कर मिलों में उसना चावल तैयार करके एसएफसी को दें । इस पर पैक्स अध्यक्ष रणजीत सिंह,सत्येंद्र सिंह, अजय सिंह, कमलेश सिंह ने बताया कि अपने क्षेत्र मे अधिकतर मिलों मे अरवा चावल तैयार करने की मशीने लगी है । मील संचालको से उसना प्लांट लगाने की बात करने पर कहते हैं कि पहले हीं अधिक राशि लगाकर अरवा मशीने लगवाए हैं, अब पुन: इतना अधिक पैसा लगाकर उसना कुटाई मशीन लगाना सम्भव   नहीं हैं । दूसरी तरफ अरवा चावल का कुटाई सरकार 10 रुपये मात्र प्रति क्विंटल  देती है । जबकि उसना चावल बनाने मे 135 रुपये प्रति क्विंटल   खर्च आता है । इसी आदेश के कारण पैक्स किसानों से धान नहीं खरीद रहे हैं, जबकि सरकार का तर्क है कि उसना चावल सेहत के लिए अच्छा है । राज्य की अधिकतर आबादी उसना चावल हीं भोजन मे उपयोग करती है ।

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