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आवासीय विद्यालय के स्थापना के तीन साल बाद भी नहीं हुई विद्युत आपूर्ति बहाल, डीजल के नाम पर लाखों का हो रहा न्यारा व्यारा

  • आवासीय विद्यालय भिरभिरिया का है मामला

रिपोर्ट अक्षय कुमार आनंद बेतिया बिहार

मैनाटांड़: एक तरफ एक तरफ जहां बिजली की चकाचौंध से पूरा प्रखंड क्षेत्र अच्छादित है। तो वहीं दूसरी तरफ डमरापुर पंचायत अंतर्गत राजकीय अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय भिरभिरिया विद्युत आपूर्ति से वंचित है ।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और उनके आवसान  के लिए सरकार के द्वारा डमरापुर पंचायत के भिरभिरिया में आवासीय उच्च विद्यालय की स्थापना की गयी। लेकिन अफसोस की बात है कि विद्यालय की स्थापना के तीन वर्ष पूरे हो गये हैं ।लेकिन अभी तक उक्त विद्यालय में विद्युत आपूर्ति नहीं बहाल की गयी है ।हां यह तो जरूर है कि विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए टेबल दर टेबल फाइल दौड़ता रहा ।लेकिन किसी भी अधिकारी ने विद्युत आपूर्ति बहाल कर छात्रों को सुविधा देने में  अपनी जहमत नहीं उठायी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय की स्थापना के तीन साल हो गये और उक्त विद्यालय में 105 से ज्यादा छात्र अवासित है ।और उन्हें बिजली की सुविधा नहीं मिल रही है। बिजली की सुविधा नहीं मिलने से उन्हें पठन-पाठन सहित अन्य कार्यों में भी परेशानी हो रही है। विद्यालय में विद्युत आपूर्ति को चालू करने के लिए जनरेटर चलाया जाता है ।हां इतना तो जरूर है कि जनरेटर को चालू करने के लिए डीजल के नाम पर लाखों का न्यारा व्यारा हरेक माह हो रहा है ।लेकिन विद्युत आपूर्ति तीन साल में बहाल नहीं की गयी।जब इस संबंध में उक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामनरेश चौधरी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में ही विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए बिजली विभाग को आवेदन दिया गया था। उसके बाद अभी तक विद्युत आपूर्ति नहीं शुरू की गयी। वही प्रखंड कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार से इस बावत प्रतिक्रिया ली गयी तो उन्होंने बताया कि विद्युत आपूर्ति लेने के लिए उक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक के द्वारा बिजली विभाग को आवेदन दिया गया। बिजली विभाग के द्वारा विद्यालय तक विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए  मांगे गये खर्च के आलोक में कल्याण विभाग के द्वारा बिजली विभाग को तीन लाख बासठ हजार रूपये भी  जमा कर दिया गया ।फिर भी अभी तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गयी। बरहाल जो हो लेकिन आवासीय विद्यालय भिरभिरिया के अगल-बगल चारों तरफ बिजली की चकाचौंध है। लेकिन विद्यालय में बिजली का नहीं होना अफसोस जनक बात है। हां इतना तो जरूर है कि प्रति महीने जरनेटर से बिजली देने के लिए डीजल के नाम पर लाखों की राशि का उठाव  हो रहा है। इसका जिम्मेदार कौन होगा कि जिस प्रखंड में वन थटी टू  पावर ग्रिड हो। प्रखंड के रामपुर और मैनाटांड़ मेला चौक पर पावर  सबस्टेशन है। फिर भी उक्त विद्यालय में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होना कई सवालों को जन्म देता है ।जो जिला प्रशासन के लिए जांच का विषय है। इधर विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने आवासीय विद्यालय में अभी तक विद्युत आपूर्ति नहीं होने की जिला प्रशासन से जांच कराने की मांग की कि किस  परिस्थिति और क्यों नहीं  3 साल के  विद्यालय का स्थापना के बावजूद विद्युत आपूर्ति बहाल की गयी और जनरेटर चलाने के नाम पर डीजल का लाखों लाख रुपये की निकासी की जा रही है।

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