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संसाधन डिजिटल, लेकिन चंदे के पैसे से हो रहा डाकघर का निर्माण


अरवल जिला ब्यूरो वीरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट

कुर्था अरवल, एक तरफ केंद्र सरकार डाकघरों को सारे संसाधनों से लैस करते हुए हाईटेक बनाने की बात करती है तो दूसरी तरफ कुर्था प्रखंड के उप डाकघर का शाखा का निर्माण चंदे के पैसे से हो रही है बताते चलें कि कुर्था प्रखंड के उप डाकघर विगत कई वर्षों से किराए के मकान में चल रहे थे जबकि डाकघर का अपनी जमीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थी हालांकि विगत एक माह से उक्त जमीन पर डाकघर द्वारा निर्माण का कार्य कराया जा रहा है वह भी मानकों को तिलांजलि देकर चुकी जिस प्रकार से भवन का निर्माण हो रहे हैं उसके देखने से ऐसा लगता है कि महज चंद माह में ही यह भवन धराशाई हो सकती हैं चुकी भवन निर्माण के दौरान न तो सुरक्षा मानक का ख्याल रखा जा रहा है और न ही पर्याप्त मटेरियल का लेकिन वह किस मद से भवन का निर्माण हो रही है इसकी जानकारी लेनी चाही तो कुर्था उप डाकघर के डाक प्रबंधक ने बताया कि चंदे के पैसे से डाकघर के भवन का निर्माण कराया जा रहा है हालांकि यह बातें समझ से परे नजर आ रही है एक तरफ जहां केंद्र सरकार के दूरसंचार मंत्री देश के विभिन्न डाकघरों को हाईटेक करते हुए विभिन्न संसाधनों से लैस करने की बात करती है तो दूसरी तरफ चंदे से हो रही डाकघर का निर्माण की बात समझ से परे नजर आ रही है आखिर केंद्र सरकार के अधीन चलने वाले डाकघर भी चंदे के पैसे से बनने लगे तो क्या कहा जाए।

  • क्या कहते हैं अधिकारी

लोकल स्तर पर डाकघर भवन का निर्माण हो रहा है इसमें आप लोग जो समझ सकते हैं किसी मद ब कोई फंड से यह निर्मित नहीं हो रहा है।

विनोद कुमार पंडित, सुपरिटेंडेंट औरंगाबाद

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