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रेलवे परीक्षा में धांधली के खिलाफ 28 जनवरी को छात्र - नौजवानों ने करेगा बिहार बंद-RYA

  • आरआरबी और एनटीपीसी के रिजल्ट में धांधली व आंदोलनरत अभ्यर्थियों पर बर्बर लाठीचार्ज के खिलाफ कुर्था में (RYA) इंकलावी नौजवांन सभा ने निकाला तिरंगा मार्च


आज
26 जनवरी के 73 वे गणतंत्र दिवस के अवसर पर ‘हम हैं इसके मालिक - हिंदुस्तान हमारा", "हमारा देश-हमारी रेल-हमारा रोजगार-हमारा अधिकार’ तथा ‘हकमारी और दमन क्यों? मोदी-नीतीश जवाब दो’, रेलवे और एनटीपीसी के अभ्यर्थियों पर पटना में बर्बर लाठीचार्ज क्यों नीतीश - मोदी जवाब दो, रेलवे ग्रुप डी में पीटी और मेंस का फरमान वापस लो, रेलवे मंत्री पीयूष वैष्णवी इस्तीफा दो,नारो के साथ आवधेश यादव, दीपक कुमार, मो. शाहजाद अंसारी के नेतृत्व में कुर्था में इंकलाबी नौजवान सभा ने तिरंगा मार्च निकला तथा बड़े पैमाने पर युवाओं ने शामिल होकर छात्र-युवा अधिकारों तथा गणतंत्र की रक्षा करने का आह्वान भी किया। 

तिरंगा यात्रा निकाल कर युवाओं ने कुर्था बस स्टैंड में एक सभा भी किया, सभा को संबोधित करते हुए,माले नेता अवधेश यादव ने कहा कि,छात्र - नौजवान की मांग जायज है, और इस तिरंगा यात्रा से हम मांग करते व नितीश - मोदी को छात्र - नौजवान विरोधी करार देते हुए कहा कि केंद्र व राज्य सरकार बार-बार छात्र नौजवानों को अधिकार पर हमले कर रही हैं और इनके लाडले पुलिस छात्रों को उपर बर्बर लाठीचार्ज,आंसू गैस के गोले और मुकदमा करके प्रताड़ित कर रही है इसलिए रेल मंत्री पीयूष वैष्णवी को इस्तीफे, रेलवे ग्रुप डी में पीटी और मेंस परीक्षा को वापस लेने व रेलवे - एनटीपीसी के अभ्यर्थियों पर से फर्जी मुकदमा वापस ले। 

इनौस के राज्य परिषद सदस्य दीपक कुमार मोहम्मद शहजाद अंसारी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आंदोलनरत छात्र-युवा अपने आक्रोश को मोदी-नीतीश सरकार के खिलाफ शुरुआत किया है उसे चरणबद्ध आंदोलन खड़ा करते हुए रेलवे बेचने व नौकरियां खत्म करने पर आमदा मोदी सरकार को पीछे हटने पर मजबूर कर देगी।

प्रत्येक साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा करने वाली मोदी सरकार और 19 लाख रोजगार देने का वादा करने वाली नीतीश सरकार बताए कि उसने छात्र-युवाओं के लिए अबतक क्या किया है? रोजगार के नए सृजन की बजाए उसमें लगातार हो रही कटौती ने आज छात्र-युवाओं की जिंदगी व भविष्य को पूरी तरह से अधर में लटका दिया है. उन्होंने आगे कहा कि आइसा–इनौस इस आंदोलन का हर तरह से समर्थन करती है और सरकार से आग्रह करती है कि वह इन अभ्यर्थियों की मांगों पर अविलंब सुनवाई करे। 

छात्रा-युवा नेताओं ने कहा कि 2019 में रेल मंत्रालय द्वारा जारी 35281 पदों के लिए हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा का पीटी रिजल्ट 14 जनवरी 2022 को आया. पीटी के रिजल्ट में पदों के 20 गुना रिजल्ट जारी करने की बात थी. इस लिहाज से 7 लाख रिजल्ट आने चाहिए थे. रेलवे ने रिजल्ट भी इतना ही जारी किया, लेकिन इसमें तकरीबन 4 लाख रिजल्ट ऐसे हैं जिनमें कोई एक अभ्यर्थी दो से अधिक, यहां तक कि 7 पदों पर सफल हुआ है. इस तरह वास्तविकता में महज 2 लाख 76 हजार रिजल्ट ही जारी हुआ है. अभ्यर्थियों की मांग एकदम जायज है कि एक पद के लिए एक अभ्यर्थी का ही रिजल्ट देना चाहिए. इससे साफ प्रतीत होता है कि रेलवे ने जितनी वैकेंसी निकाली थी, उतनी बहाली नहीं कर रही है. अभ्यर्थी सरकार के इस खेल को समझ रहे हैं.

दूसरा मामला ग्रुप डी की परीक्षा की है. इसमें 1 लाख 3 हजार पदों पर बहाली होनी है, जिसपर तकरीबन 1 करोड़ आवेदन आए हैं. यह अपने आप में देश में बढ़ती बेरोजगारी की दर को दिखला रहा है, जहां ग्रुप डी के पदों के लिए भी भारी मारामारी है. पहले के नोटिफिकेशन में इस परीक्षा में केवल पीटी परीक्षा लेने की बात कही गई थी, लेकिन अब एक तुगलकी फरमान निकालकर दो परीक्षाओं को आयोजित करने की बात कही जा रही है.

सभा को संबोधित करते हुए बिहार के व्यापक छात्र नौजवानों से 28 जनवरी को बिहार बंद को सफल करने की अपील भी किये। 

सभा को प्रविंद्र कुमार,सुधीर कुमार, सूरज कुमार, सौरभ कुमार, लव कुश कुमार, सुमन ठाकुर,आमिर मलिक मोहम्मद इकराम अंसारी दीवांशु कुमार, गणेश कुमार, मनीष कुमार आदि छात्र नौजवानों ने भी संबोधित किया।

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