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समाहरणालय के संवाद कक्ष में बैठक आरिफ अहसन की अध्यक्षता में हुई


जमुई से सुशील कुमार की रिपोर्ट

जमूई उप विकास आयुक्त सह जिला जल एवं स्वच्छता समिति के उपाध्यक्ष आरिफ अहसन की अध्यक्षता में समाहरणालय के संवाद कक्ष में बैठक आहूत कर लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान द्वितीय चरण (2020 - 21 और 2024 - 25) के अंतर्गत ठोस एवं तरल अवशिष्ट प्रबंधन ओडीएफ प्लस के कार्यों की विंदुवार समीक्षा की गई।

डीडीसी श्री अहसन ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान फेज टू के तहत ओडीएफ प्लस का कार्य शुरू किया जा रहा है। इसके लिए प्रखंड और पंचायत स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। इस अभियान के तहत खुले में शौच से मुक्ति के स्थायित्व सहित ठोस तथा तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्य किया जाना है। प्रथम चरण में जनप्रतिनिधियों और इससे जुड़े कर्मियों के क्षमतार्वधन को लेकर प्रशिक्षण दिया गया है। अब ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान बनेगा। इसमें पंचायत स्तर की सभी योजनाओं को शामिल कर पंचायती राज विभाग के ग्राम स्वरोजगार पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इस अभियान की सफलता के लिए जिला से पंचायत स्तर तक समिति के गठन का कार्य प्रगति पर है। जिला स्तर पर जिला जल व स्वच्छता समिति का गठन किया गया है। इसके अध्यक्ष डीएम हैं। उपाध्यक्ष डीडीसी और सदस्य सचिव डीआरडीए के निदेशक होंगे। वहीं प्रखंड स्तर पर प्रखंड परियोजना अनुश्रवण इकाई के अध्यक्ष बीडीओ और सदस्य सचिव प्रखंड समन्वयक होंगे। इसके अलावा पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष मुखिया तथा सदस्य सचिव पंचायत सचिव होंगे। 

इस अभियान के तहत जिले में पूर्व निर्मित शौचालय अगर क्षतिग्रस्त हो गया है तो उसकी मरम्मत भी करायी जाएगी। छुटे परिवार में शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। गोवर्धन योजना के तहत गोबर से गोबर गैस तैयार किया जाएगा। कंपोस्ट तैयार कर खेत में उपयोग किया जाएगा। प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट के प्रबंधन पर कार्य होगा। स्नान के बाद निकले गंदा पानी, धूसर जल, बरसाती पानी, सेप्टिक टैंक से निकला गंदा पानी आदि का सम्बंधित योजना के तहत प्रबंधन किया जाना है। डीडीसी श्री अहसन ने कहा कि इस योजना के तहत सभी ग्राम पंचायतों को 2024 - 25 तक ओडीएफ प्लस बनाया जाना है। उन्होंने ओडीएफ प्लस अंतर्गत 40 ग्राम पंचायतों को चिंहित कर कार्य योजना बनाए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि इसके सफल संचालन के लिए प्रखंड स्तर पर बीडीओ और समन्वयक तथा पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों का प्रारंभिक तौर पर उन्मुखीकरण किया जा चुका है। उन्होंने तय योजना को तीब्र गति से धरा पर उतारे जाने के लिए मनरेगा, कृषि, जीविका, पंचायतीराज एवं अन्य सम्बंधित विभागों के साथ संवाद स्थापित कर उनका यथोचित सहयोग लिए जाने की बात कही। उन्होंने गांव के सभी घरों के साथ विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों आदि निजी और सार्वजनिक स्थलों पर शौचालय की सुलभता पर बल दिया। डीडीसी ने निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निष्ठा के साथ कार्य करने की जरूरत बताई। उन्होंने इस दरम्यान कोरोना से बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का भी अनिवार्य रूप से अनुपालन किए जाने की बात कही। उन्होंने महामारी पर नियंत्रण के लिए मास्क के इस्तेमाल किए जाने के साथ सामाजिक दूरी का अनुपालन किए जाने पर भी बल दिया। 

 डीआरडीए के निदेशक स्वतंत्र कुमार सुमन, सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार भारती, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी आर. के. दीपक, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता, जीविका के परियोजना प्रबंधक विक्रांत शंकर सिंह समेत कई अधिकारियों एवं सम्बंधित जनों ने बैठक में हिस्सा लिया और डीडीसी के निर्देशों को आत्मसात कर उसे धरा पर उतारे जाने का संकल्प व्यक्त किया।

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