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बारिश व भारी ओलावृष्टि से सोनो प्रखंड क्षेत्र बना मिनी कश्मीर, रवि फसलों को अत्यधिक नुकसान


सोनो जमुई संवाददाता चंद्रदेव बरनवाल की रिपोर्ट

बुधवार की देर शाम सोनो प्रखंड छेत्रों में आंधी और पानी के साथ अचानक हुई भारी बर्फबारी से किसानों के खेतों में लगे सभी फसल पुरी तरह नष्ट हो गई है ।‌ नक्सल प्रभावित इलाकों के  महेश्वरी ग्राम पंचायत अंतर्गत , बाघाकेबाल , भैलुआ , तिलकपुर , बौथा , महेश्वरी , समयकांत , रजौन पंचायत के बिशनपुर , नावाआहर , बसहुआ , मोहनाडीह , करहरीटांड़ , बरमानी , रजौन , बाघाकोल , तेंतरिया , भलसुंभीया , लाली लैवाड़ पंचायत के मकरकेंद , टहकार , लाली लैवाड़ , कैरी , चरका पत्थर , जागीजोर तथा गंडा आदि गांव में लगी अरहर , मसुर , चना , गेहूं , सरसो आलु , इमली आदि की हुई बैतहासा नुकसान से किसानों के चेहरों पर इस कदर मायुसी छा गई है कि वे रोने और विलखने पर मजबुर हैं । वहीं इस बर्फबारी से खपरेल से बनी दर्जनों मकान बुरी तरह छतिग्रस्त हो गया है , साथ ही कई बड़े बड़े पेड़ टुट गया और धराशाई होकर जमीन पर गीर गया । इतना ही नहीं कोरोना महामारी की दंस झेल रहे नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले किसान वर्ग के लोगों के द्वारा कर्ज लेकर लगाये गये रवि फसलें  जहां बुरी तरह नष्ट हो गई है वहीं बर्फबारी ने जहां खपरेल के मकान में रहने वाले टहकार गांव निवासी 60 वर्षिय एक बुजुर्ग तैनो यादव की जिंदगी छीन लिया ।  साथ ही इस भारी बर्फबारी से कई मवैसियों की मौत हो गई है । भारी बर्फबारी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है क्योंकि 12 घंटे से अधिक समय व्यतीत हो जाने के उपरांत भी अब तक जमीन पर पड़े चट्टान को खेतों से उठाकर अन्यत्र फेंकने के लिए ट्रेक्टर वाहन मंगाई गई लेकिन दर्जनों लोगों की कड़ी संघर्ष के बाद भी बर्फ से बना उस चट्टान को उठा पाने में सभी असफल रहे ।


 नकसल प्रभावित इलाकों में बसने वाले कई बुजुर्ग किसानों का कहना है कि हमने अपने जिंदगी में इसके पुर्व कभी इस प्रकार का बर्फबारी होते हुए नहीं देखा है । ज्ञात हो कि बर्फबारी से पिडीत बड़ी संख्या में किसानो ने सरकार द्वारा मिलने वाली मुआवजा राशि दिलाने के लिए अपने अपने पंचायत के मुखिया से गुहार लगाना प्रारंभ कर दिया है । यहां यह बताना कतई गलत नहीं होगा कि अगर इसी प्रकार सोनो प्रखंड छेत्रों में बर्फबारी होता रहा तो लोगों को अब कश्मीर का मजा सोनो में मिलेगा , उन्हें अब कश्मीर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी । इधर लाली लैवाड़ पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रोहित यादव , महेश्वरी पंचायत के मुखिया अवधेश कुमार सिंह तथा रजौन पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अलाउद्दीन अंशारी अपने समर्थकों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर बर्फबारी से हुई छतिग्रस्त का जायजा लिया जा रहा है ।

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