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बच्चों को अपने उद्देश्यों के प्रति जागरूक करना शिक्षक का परम उद्देश्य-प्राचार्य

  • शिक्षक छात्रों के भविष्य को आकार देने एवं आदर्श नागरिक बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं-संदीप गिरि
  • शिक्षा जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने एवं आगे बढने के लिए प्रेरित करती हैं-- नागेन्द्र पाण्डेय


दरौली
(सीवान)।पतित पावनी सरयू नदी के उत्तर दिशा में अवस्थित पचबेनियां के ब्रह्मर्षि देवराहा बाबा उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज का 41 वाँ स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया।विद्यालय के प्राचार्य डा० सुशील नारायण तिवारी ने झंडोत्तोलन करने के उपरांत विद्यालय के संस्थापक स्वामी प्रेमानंद जी की आदमकद प्रतिमा पर वस्त्रावरण कर माल्यार्पण किया।समारोह की शुरुआत गुरु एवं गणेश वंदना से की गई।समारोह में पधारे आगत अतिथियों के स्वागत में प्रीति कुशवाहा, नेहा कुशवाहा एवं नंदनी कुशवाहा ने स्वागतगान प्रस्तुत किया।

समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डा० सुशील नारायण तिवारी ने कहा कि बच्चों को अपने उद्देश्यों के प्रति जागरूक करना शिक्षक का परम कर्त्तव्य हैं।साथ ही शिक्षक का कर्त्तव्य है कि वे समाज व विद्यालय के प्रत्येक बच्चे को संस्कारी बनाने का प्रयत्न करें जिससे वह देश व समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बन सके।प्राचार्य डा० तिवारी ने शिक्षकों से प्रार्थना करते हुए कि शिक्षकों द्वारा अनुशासन, प्रेम एवं वात्सल्यभाव से दी गई शिक्षा छात्रों को श्रेष्ठ नागरिक बना सकती हैं।प्राचार्य ने अपने संबोधन के क्रम में कहा कि शिक्षा मानवजीवन का वह अंधकार मिटाने का सशक्त माध्यम है जिससे व्यक्ति, परिवार एवं समाज का सर्वांगीण विकास हो।इसलिए पयाहारी बाबा ने इस दियारे क्षेत्र में विद्यालय की स्थापना कर शिक्षा की अलख जगायी, जो सदा वंदनीय हैं।डा० सुशील ने कहा कि हम बाबा को हृदय की अतल गहराइयों से नमन करते हुए उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लेते हैं, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि हैं।समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता नागेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा हमें अपने जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित करने और आगे बढने के लिए प्रेरित करती हैं।उन्होंने कहा कि शिक्षा हमारे ज्ञान, कुशलता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व में सम्यक् सुधार कर उन्नति के मार्ग पर प्रशस्त करती है। 


समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संदीप कुमार गिरि ने कहा कि शिक्षक समाज की रीढ हैं, क्योंकि वे छात्रों के चरित्र के निर्माण में अपना योगदान देते हैं।श्री गिरि ने कहा कि छात्रों के भविष्य को आकार देने और देश का आदर्श नागरिक बनाने में शिक्षक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।सम्मानित अतिथि हंसनाथ पाण्डेय ने कहा कि एक आदर्श शिक्षक हमेशा आशा जगाता, विश्वास बढाता हैं, प्रेरणा देता है और छात्रों के भीतर अनवरत् सीखने का भाव जागृत करता है।कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री तेजनारायण राय ने एवं संचालन श्री मृत्युंजय साह गोंड ने किया।

      समारोह को पूर्व शिक्षक नागेन्द्र नाथ पाण्डेय, हंसनाथ पाण्डेय, महासागर सिंह, रवीन्द्र भारती आदि ने संबोधित किया।

          सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि तेजनारायण राय एवं पूर्व मुखिया रामविलास पाण्डेय ने काँपी कलम देकर सम्मानित किया।

     इस अवसर पर डा० सुशील नारायण तिवारी,अक्षयलाल गुप्ता,मृत्युंजय साह गोंड,स्नेही प्रसाद,रविरंजन कुमार,प्रकाश चन्द्र,अजीत कुमार सिंह,पूर्व मुखिया रामविलास पाण्डेय,मनोज कुशवाहा,बृजबाला देवी एवं रामू प्रसाद,नसीम अख्तर,पवन कुमार दूबे, मृत्युंजय दूबे,आदि क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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