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शिक्षा व्यवस्था चौपट करने पर तुली है सरकार


वैशाली: 
अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग बिहार पटना के पत्रांक 101 दिनांक 28 जनवरी 2022 को पत्र जारी कर शिक्षकों को शराब पीने वालों को चिन्हित कर सूचना देने की दायित्व सौपी गई जो शिक्षा जगत एवं शिक्षकों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे आदेश से शिक्षा ब्यवस्था चौपट होगी।

   शिक्षा का अधिकार अधिनियम माननीय न्यायालय एवं सरकार के मुख्य सचिव ने पत्र निकालकर शिक्षकों से किसी प्रकार की गैर शैक्षणिक कार्य मे नही लगाने का आदेश निर्गत कर चुके हैं। शिक्षकों को शिक्षण कार्य से अन्य कार्यों में लगाने का खेल चलते रहा है ।शिक्षक द्वारा खुले में शौच करने वाले व्यक्तियों की पहरेदारी,चावल का बोरा बेचकर राशि जमा करने का आदेश समेत दर्जनों गैर शैक्षणिक जैसी दायित्व दिया जा चुका है जिससे स्पष्ट है कि सरकार शिक्षकों को अपमानित कर बच्चों के मौलिक अधिकार शिक्षा को चौपट करना चाहती है। यह बातें महुआ में प्रारंभिक शिक्षक संघ के द्वारा कही गई। शिक्षक नेताओ ने कहा कि शराबी का खबर शिक्षको के माथे डालना चाहती है। साथ ही शिक्षा के रखवाले व कार्य करने वाले सदाचारी शिक्षकों को शराबियों के चंगुल में फँसा रहे हैं।ऐसे आदेश को संघ कभी नहीं मानेगी। सरकार के गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों को लगाने एवं शराब जैसी आदेश के विरोध में प्रखंड स्तर पर अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग के पत्र का प्रति जलाकर आंदोलन का शंखनाद किया जा रहा है। ऐसे आदेश वापस नहीं हुआ तो राज्यभर में आंदोलन तीब्र की जाएगी। अगामी 06 फरवरी को सभी जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री का पुतला फूंक कर आंदोलन तेज की जाएगी। शिक्षा ब्यवस्था को बचाने एवं शिक्षकों का सम्मान हेतु संघ हरेक तरह का आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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