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30 जनवरी को सभी प्रखंडों में अपर मुख्य सचिव के आदेश की जलाई जाएगी प्रति: कुशवाहा


हाजीपुर
(वैशाली)नशा मुक्ति अभियान को गति देने एवं समाज में जागरूकता पैदा करने के संबंध में अपर मुख्य सचिव ,शिक्षा विभाग के द्वारा निर्गत आदेश पत्रांक -13/वीo 03-22/2021------101 के आलोक में निर्देशित किया गया है की प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापक/शिक्षकों/शिक्षिकाओं /विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों को चोरी छुपे शराब पीने वाले या उसकी आपूर्ति करने वाले लोगों की पहचान कर मद्य निषेध विभाग को सूचना देनी है।इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाना है यह विद्यालय अवधि के बाद चोरी छुपे नशा पान करने वाले विद्यालय परिसर का कतई उपयोग ना करें। इस पत्र के निर्गत होते ही प्रारंभिक शिक्षक संघ इस पत्र का कड़ा विरोध करते हुए सभी प्रखंडों में रविवार दिनांक 30/01/22 इस पत्र की प्रति को जलाकर कड़ा विरोध दर्ज करेगा।

इस संबंध में मीडिया से बात करते हुए प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला सचिव पंकज कुशवाहा ने कहा कि विचित्र विडंबना है की बिहार में कल तक विद्यालय के शिक्षक बच्चे को पढ़ाने के लिए घर घर खोजते थे।अब उन्हें शराब पीने या आपूर्ति करने वाले को पकड़ने के लिए निर्देश दिया गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने एक फैसले में कहा था कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य में नहीं लगाया जाए।लेकिन बिहार में उसका खुल्लम खुल्ला उल्लंघन हो रहा है।जिस शराब की तस्करी को हथियारबंद पुलिस पदाधिकारी नहीं रोक पाए उनको रोकने के लिए शिक्षकों को लगाना यह बताता है कि सरकार शिक्षकों को मरवाना चाहती है और गांव के विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल का वातावरण नहीं बनने देना चाहती है। 

इस आदेश के खिलाफ आमजन को सड़क पर उतरना चाहिए।सरकार को भी मालूम है की उनकी कुव्यवस्था ने ऐसे ऐसे शराब माफिया को जन्म दिया है।जो कर्मचारी तो क्या पदाधिकारी को भी शराब की बोतल में रखकर गटक जाए।उन्होंने सरकार से इस आदेश को वापस लेने की मांग किया है अन्यथा जोरदार आंदोलन चलाने का ऐलान कर दिया है।उन्होंने कहा कि विद्यालय में छुट्टी होने के बाद विद्यालय परिसर को सुरक्षित रखने के लिए रात्रि प्रहरी की अविलंब बहाली करें और उसे पर्याप्त सुरक्षा दें ताकि विद्यालय बंद की स्थिति में भी विद्यालय परिसर से लेकर वर्ग कक्ष तक सुरक्षित रह सके।उन्होंने जोर देकर कहा किसी भी सूरत में शिक्षक सरकार के इस आदेश को नहीं मानेंगे।

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