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ताड़ी के उत्पादन एवं बिक्री में पारम्परिक रूप से जुड़े परिवारों का 31 जनवरी तक करें सर्वे: जिलाधिकारी


वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

 हाजीपुर:- वैशाली समाहरणालय सभागार में जिला विकास समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी के द्वारा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निदेश दिया गया कि 31 जनवरी तक हर हाल में ताड़ी के उत्पादन एवं बिक्री में पारम्परिक रूप से जुड़े परिवारों का सर्वे करा लें। इसके अतिरिक्त पूरे जिला में खजूर एवं ताड़ का पेड़ कहाँ- कहाँ है,इसका जीयोटैगिन करायें तथा किस पेड़ से कौन व्यक्ति नीरा उतारता है इसकी सूची तैयार कराकर जिला को उपलब्ध करायें। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी यह कार्य जीविका के माध्यम से करायेंगे एवं कार्य को प्राथमिकता देते हुए इसका सतत् अनुश्रवण करेंगे। जिलाधिकारी के द्वारा सर्वे के बारे में पूछे जाने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी लालगंज ने बताया कि लालगंज प्रखंड में सर्वे का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।जिलाधिकारी के द्वारा जिला स्तर पर निदेशक डीआरडीए को इस कार्य की समीक्षा करने का निदेश दिया गया।पीएम आवास की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी के द्वारा प्रधानमंत्री आवास से वंचित वैसे परिवार जो भूमि विहिन है,को भूमि उपलब्ध कराने का निदेश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया। समीक्षा में पाया गया कि हाजीपुर प्रखंड में 45,बिदुपुर में 42,देसरी में 37,राघोपुर में 29 , जन्दाहा में 19 , गोरौल में 17,भगवानपुर में 08,लालगंज में 09,महुआ में 09,चेहराकला में 04 तथा महनार में 02 परिवार भूमि विहिन है जो पीएम आवास से वंचित हैं। इस पर जिलाधिकारी के द्वारा सरकारी जमीन या वास स्थल मद से 60 हजार रूपया प्रति परिवार जमीन खरीद कर देने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों को जमीन उपलब्धता की अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया। जल जीवन हरियाली अभियान की समीक्षा करते हुए भी जिलाधिकारी ने कहा कि वैसे परिवार जो पोखर पर से अतिक्रमण हटाते हुए विस्थापित हुए हैं , उन्हें भी जमीन उपलब्ध कराकर बसा दिया जाय। समीक्षा में पाया गया कि देसरी में 18 , राजापाकर में 17,वैशाली में 03 तथा महनार में 02 परिवार अतिक्रमण हटाओ अभियान में विस्थापित हैं। 

जिलाधिकारी के द्वारा लोक शिकायत और आरटीपीएस के तहत् प्राप्त आवेदनों का समय सीमा के अंदर निष्पादित किये जाने का निर्देश देते हुए कहा गया कि जहाँ भी इसके मामले लंबित हैं इसकी समीक्षा कर संबंधित के विरूद्ध दण्ड अधिरोपित किया जाय। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान की समीक्षा के दौरान डीपीओ आईसीडीएस के द्वारा बताया गया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर छः आवेदन प्राप्त कर उसे अपलोड करना था। जिला में कुल 3747 आंगनबाड़ी केन्द्र कार्यरत है। जहाँ कुल 22482 आवेदन के विरूद्ध अभीतक 10264 आवेदन ही प्राप्त कर अपलोड किया गया है। इसमें हाजीपुर,राजापाकर और लालगंज प्रखण्ड में बेहतर कार्य पाया गया जबकि जन्दाहा पातेपुर और महनार प्रखंड में खराब स्थिति पायी गयी।इस पर जिलाधिकारी के द्वारा 50 प्रतिशत से कम उपलब्धि वाले प्रखंडों के सीडीपीओ के विरूद्ध स्पष्टीकरण करने का निदेश दिया गया।बैठक में आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए चिन्हित किये गये जमीन का अनापत्ति प्रमाण पत्र देने का निदेश सभी संबंधित अंचलाधिकारियों को दिया गया।टोकन के द्वारा पोषाहार वितरण में शतप्रतिशित उपलब्धि नहीं प्राप्त करने पर डीपीओ आईसीडीएस के प्रति नाराजगी व्यक्त की गयी। समीक्षा में पाया गया कि लालगंज में 16 और बिदुपुर में 27 प्रतिशत ही पोषाहार वितरण किया गया है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजनान्तर्गत प्रत्येक प्रखंड में दो एम्बुलेंस के खरीद का लक्ष्य निर्धारित था जिसके विरूद्ध 19 एम्बुलेंस के क्रय कर लिए जाने के बारे में जिला परिवह पदाधिकारी के द्वारा बताया गया।उन्होंने कहा कि बैंको की निष्क्रीयता के कारण परेशानी आ रही है।इस पर जिलाधिकारी के द्वारा अनुमंडल पदाधिकारियों को निदेश दिया गया कि वे अपने स्तर से बैंकों से बात करें और ऋण स्वीकृत करायें। जिलाधिकारी के द्वारा सभी अंचलाधिकारियों को प्रत्येक शनिवार को रोस्टर के अनुसार थानों पर बैठ कर भूमि विवाद के मामलों के अचूक रूप से निष्पादित करने और उसे पोर्टल पर अपलोड करने का निदेश दिया गया।बैठक में जिलाधिकारी के साथ सभी जिला स्तरिय पदाधिकारी , अनुमंडल पदाधिकारी,प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित थे।

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