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वीआरसी सिलाव में शिक्षा माफिया का हैदबदबा, शिक्षा माफिया के दवाव में होती है फर्जी शिक्षकों की बहाली


रिपोर्ट रजनीश किरण नालंदा

सिलाव प्रखंड संकुल संसाधन केंद्र शिक्षा माफियाओं का अड्डा बनकर रह गया है।इन माफियाओं का काम प्रखंड अंतर्गत शिक्षा से जुड़ी सभी गैर कानूनी कार्यों का निष्पादन कराना एवं प्रखंड में होने वाले शिक्षक नियोजन में फर्जीवाड़ा करना ही मंशा है।

इन माफियाओं में खासकर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं ,जो अपने विद्यालय को छोड़ अधिकांश समय वीआरसी में गुजारते है।

बता दें कि कई शिक्षकों का प्रतिनियुक्ति शिक्षक नियोजन के दौरान नगर पंचायत एवं प्रखंड में किया गया था, नियोजन समाप्ति के उपरांत उनकी प्रतिनियुक्ति रद्द होने के बावजूद भी पूरे दिन विद्यालय में नहीं जाकर बीआरसी में डेरा डाले रहते हैं।मंगलवार के दिन इसका नजारा देखने को मिला।प्रखंड के नानंद पंचायत के मुखिया के द्वारा पंचायत में शिक्षक नियोजन में गड़बड़ी का मामला लेकर बीआरसी पहुंचे थे,इसी दौरान वीआरसी में मौजूद शिक्षक अजित कुमार कौशिक मुखिया से उलझ पड़े,इसी दौरान मीडिया कर्मियों के द्वारा समाचार  कबरेज की जाने लगी।तभी अजित कुमार कौशिक ने मीडिया कर्मी के मोवाइल झपट छीन लिया और अभद्रता से पेश आते हुए कहा कि जो हुआ है वही सही है।बता दें कि अजीत कुमार कौशिक भी शिक्षक नियोजन में नगर पंचायत में प्रतिनियुक्त थे,प्रखंड के अंतर्गत पंचायत से लेकर प्रखंड शिक्षकों की  फर्जी तरीके से बहाली के खेल में इनकी भी अहम भूमिका रही है।हालांकि इनकी नगर पंचायत से प्रतिनियुक्ति बीते माह ही समाप्त कर दिया गया है,बाबजूद विद्यालय छोड़ अधिकांश समय वीआरसी में व्यतीत करते हैं।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जयप्रकाश नायक ने बताया कि पहले बीआरपी थे परंतु इनको उक्त पद से 13 सितंबर 2021 को ही मुक्त कर दिया गया है, और वर्तमान में मध्य विद्यालय वलवा पर में कार्यरत हैं।कहा कि जो हरकत शिक्षक के द्वारा किया गया वह काफी शर्मनाक है।

1 टिप्पणी:

  1. सत्यता को बिना जाने और किसी खास व्यक्ति के कहने या बहकावे में आकर किसी भी व्यक्ति को बदनाम करना पत्रकारिता नही है।
    आज कल के पत्रकार केवल पैसा देखते है सच्चाई नहीं।
    जबकि मीडिया ही देश के चौथे स्तंभ होते है।
    इस लिए आग्रह करेंगे की स्वच्छ एवम निष्पच्छ रिपोर्ट करे।
    एवं लोगो के भावनाओ से खिलवाड़ ना करे। नही तो
    धीरे धीरे लोगो का मीडिया पर से विश्वास उठ जायेगी।
    अंत में आप से आग्रह है की निष्पक्ष एवं साफ सुथरी रिपोर्ट करे।किसी वायक्ति को बदनाम ना करे।
    धन्यवाद।।।

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