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बैठक में विभिन्न पदाधिकारियों की अनुपस्थिति पर सदस्यों ने जताया गुस्सा

  • पीएम आवास, राशन कार्ड बनाने, यूरिया खाद की किल्लत सहित विभिन्न मामलों पर छाया रहा मुद्दा, बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित हुए स्थानीय विधायक डॉ मुकेश रौशन


महुआ
प्रखंड परिषद स्थित सभागार में पंचायत समिति की पहली बैठक हंगामेदार रही। यहां सदन में विभिन्न योजनाओं से संबंधित मुद्दे छाए रहे। बैठक में मुख्य रूप से स्थानीय विधायक डॉ मुकेश रौशन शामिल हुए और उन्होंने विभिन्न गड़बड़ियों पर अफसरों की क्लास ली।

बैठक में बीडियो, सीओ, एमओ, बीईओ, एजीएम आदि की अनुपस्थिति पर सदस्यों ने गुस्सा जताते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया। साथ ही इसकी शिकायत वरीय पदाधिकारियों से करने का निर्णय लिया। यहां विधायक डॉ रौशन ने पंचायत समिति की पहली बैठक में ही विभिन्न पदाधिकारियों की अनुपस्थिति पर क्षोभ व्यक्त करते हुए उनकी क्लास भी मोबाइल से ली। इधर बताया गया कि मैट्रिक की ऐच्छिक परीक्षा होने के कारण कुछ पदाधिकारी व्यस्त रहने से बैठक में उपस्थित नहीं हो पाए। प्रखंड प्रमुख सरस्वती देवी की अध्यक्षता और उप प्रमुख दयानंद राय की संचालन में घंटों चली बैठक में कई मुद्दों पर सदस्यों और संबंधित पदाधिकारियों के बीच बकझक भी होती रही। 

बैठक में सदस्यों ने आरटीपीएस पर ज्यादा आवेदन लंबित होने का मामला उठाया और कहा कि इससे आवेदकों को कई परेशानियों से गुजरना पड़ता है। इसके साथ ही पंचायत भवनों पर कर्मियों की उपस्थिति नहीं होने पर सवाल खड़ा किया और इसकी कमी दूर करने की मांग की। किसानों को यूरिया खाद की किल्लत और बाजार में इसकी कालाबाजारी कर अधिक दाम लेने का मुद्दा सदस्यों द्वारा सदन में उठाया गया। उन्होंने कहा कि इस बार किसान उर्वरक के लिए परेशान रहे। उन्हें खाद उपलब्ध नहीं हो पाई। पशुओं को वैक्सीनेशन नहीं होने का मामला पंचायत समिति सदस्यों द्वारा उठाया गया। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन नहीं होने कारण काफी संख्या में पशुओं की मौत हो गई है। वैक्सीनेशन नहीं होने कारण पशुओं में खुरहा और मुंहपका रोग से हो रहा है। जरूरतमंदों को राशन कार्ड नहीं बनने का भी मामला उठाया गया। वही आंगनबाड़ी में टीएचआर कम दिए जाने पर सदस्यों ने गुस्सा जताया।

 प्राथमिक विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षकों को ट्रांसफर का भी मामला सदस्यों द्वारा उठाया गया। वही पीएम आवास से लेकर नल जल योजना आदि में व्यापक गड़बड़ी मुद्दा उठा। यहां सदस्यों द्वारा बिजली के जर्जर तार और जले ट्रांसफार्मर को नहीं बदले जाने में विद्युत विभाग द्वारा करवाई नहीं किए जाने पर गुस्सा जताया और उपस्थित विभागीय अधिकारी की क्लास ली। फुलवरिया में टूटे पोल से एसएच से बिजली आपूर्ति किए जाने को लेकर सदस्यों ने विद्युत अधिकारी से इसे बदलने को कहा। पंचायतों में पेयजल से वंचित लोगों को इसकी लाभ देने की मांग की गई। पंचायत सरकार भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने का भी यहां सदस्यों ने मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण कई जगह पर पंचायत सरकार भवन नहीं बन पा रहे हैं। फुलवरिया पंचायत से पीएम आवास के कुछ लाभुक बैठक के वक्त कार्यालय पर पहुंचे और उन्हें सूची से नाम हटाने का मामला उठाया। उधर मुखिया सुकेश्वर दास ने कहा कि जिन्हें पहले से आवास मिल चुका है या सरकारी पेंशनधारी है।

 उन्हें आवास नहीं देना है। उन्होंने यह भी कहा कि जो आवास के लिए योग हैं, उन्हें सूची में नाम जोड़ा जाएगा। पीएचईडी द्वारा चापाकल गाड़ने का भी मामला उठा और सदस्यों ने इस पर कई सवाल खड़ा किए। इस पहली बैठक में सभी 32 पंचायत समिति सदस्यों के अलावा 24 मुखिया उपस्थित हुए। बैठक में महिलाएं काफी मुखर दिखी। बैठक के बाद विधायक डॉ मुकेश रोशन यहां प्रखंड के विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण भी किया। वह बीडियो, कार्यालय से लेकर सीओ, एमओ, मनरेगा आदि कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें व्यापक गड़बड़ियां मिली।

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