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कॉलेज के प्राचार्य पर मनमानी का आरोप लगाते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग


रिपोर्ट नवीन कुमार सिंह

सहदेई बुजुर्ग/महनार - महनार प्रखंड स्थित आरपीएस कॉलेज चकेयाज के पुराने कमरों को मनमाने तरीके से तोड़े जाने का मामला तूल पकड़ रहा है।स्थानीय लोग इसको लेकर सीधे तौर पर कॉलेज के प्राचार्य पर मनमानी का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन एवं राज्यपाल से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार महनार प्रखंड स्थित आरपीएस कॉलेज के आठ पुराने कमरों को जेसीबी की मदद से नए कमरा बनवाने के नाम पर तोड़ दिया गया।बताया जाता है कि जो पुराना कमरा बना था उस कमरे की मरम्मति की बात चल रही थी।लेकिन कॉलेज प्रशासन द्वारा उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।प्राचार्य इस स्थान पर नए भवन बनाने की बात कह रहे हैं।बताया जाता है कि जिन कमरों को तोड़ा गया।उन कमरों को खाली तक नहीं कराया गया था।कमरे में खिड़की,किवाड़ के साथ अन्य लकड़ी के उपस्कर,अलमीरा आदि अंदर ही था।इन कमरों में लगा कई सीसीटीवी कैमरा,वाईफाई इंस्ट्रूमेंट आदि सहित ही कमरे को जेसीबी की मदद से तोड़ दिया गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि आनन-फानन में मनमाने ढंग से कॉलेज के प्राचार्य द्वारा कॉलेज के कमरों को तोड़े जाने के कारण लाखों रुपए के लकड़ी के सामान,कई महत्वपूर्ण दस्तावेज आदि क्षतिग्रस्त हो गया है।लोग कह रहे हैं कि आखिर कॉलेज प्रशासन को इतनी जल्दी किस बात की थी कि बिना कॉलेज के कमरे को खाली किए ही आनन-फानन में जेसीबी की मदद से तोड़ दिया गया।स्थानीय लोग इसको लेकर कॉलेज के प्राचार्य पर कई प्रकार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।बताया जाता है कि कॉलेज की विकास कमेटी ने पुराने जीर्णशीर्ण कमरों के पुनरुद्धार का प्रस्ताव लिया था और इसी प्रस्ताव के आर में कॉलेज के प्राचार्य द्वारा पुराने कमरों को जेसीबी की मदद से तोड़ दिया गया।इसके लिए विश्वविद्यालय के द्वारा राशि की स्वीकृति तक नहीं कराई गई और ना ही अभी तक कॉलेज निर्माण हेतु विश्वविद्यालय के स्तर पर किसी प्रकार के एस्टीमेट या नक्शे की ही स्वीकृति मिली है।इसके बावजूद भी जिस प्रकार से कमरे तोड़े गए वह पूरी तरह सवालों के घेरे में है।स्थानीय ग्रामीण इस पूरे मामले को बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति एवं राज्य के राज्यपाल के सामने पत्र लिखकर रखते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराने एवं प्राचार्य के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।वहीं इस पूरे मामले पर प्राचार्य डॉ प्रेमानंद ने कहा कि उन्होंने नियमों के तहत ही कार्रवाई की है।कहा कि विकास कार्य करने के लिए भवन निर्माण से विकास समिति के प्रस्ताव के आलोक में कमरों को तोड़ा गया है।

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