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पंचायतों में वार्ड क्रियान्वयन प्रबंधन समिति के गठन में व्यापक पैमाने पर धांधली, गड़बड़ी


रिपोर्ट एहतेशाम पप्पू (वैशाली)// पातेपुर प्रखंड के तमाम पंचायतों में वार्ड क्रियान्वयन प्रबंधन समिति के गठन में व्यापक पैमाने पर धांधली, गड़बड़ी की गई है। खासकर वार्ड सचिव चयन में में भारी गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। नियम, मापदंडों को ताक पर रखकर मुखिया अथवा वार्ड सदस्य ने बिना वार्ड सभा बुलाए व आम सहमति के बजाए मनमानी ढंग से वार्ड सचिव नियुक्त कर लिया। गुपचुप तरीके से अपनाए गए चयन प्रक्रिया की बात सामने आने के बाद प्रखंड के प्रायः सभी पंचायतों में बवाल हुआ शुरू हो गया है। बीडीओ, पंचायती राज पदाधिकारी के साथ जिलास्तर पर सक्षम पदाधिकारियों को थोक भाव में शिकायत किए जा रहे हैं। प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी के लगातार कार्यालय में अनुपस्थित रहने के कारण लोगो मे आक्रोश पनपने लगा है जो कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है। 

लगभग सभी पंचायतों में हुई है मनमानी :- प्राप्त जानकारी के अनुसार पातेपुर प्रखंड के बलीगांव,मालपुर, डभैच्छ, सिमरवाड़ा समेत दर्जनों पंचायत में नवनिर्वाचित मुखिया व वार्ड सदस्यों के द्वारा बिना आम सभा बुलाये तथा प्रखंड के सक्षम पदाधिकारी की उपस्थिति के वगैर पंचायती राज विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन को ताक पर रखते हुए मनमानी कर अपनी मर्जी से वार्ड सचिव की बहाली कर लिया गया है। यह सिलसिला अब भी जारी है। बिना आमसभा बुलाये वार्ड सचिव की बहाली को लेकर प्रखंड के विभिन्न पंचायतो से शिकायते मिलने के बावजूद बीपीआरओ के अनुपस्थिति के कारण लोगो मे आक्रोश पनपने लगा है जो कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है।

हर पंचायत से एक जैसी शिकायत :- लोगों का कहना है कि वार्ड सभा बुलाकर प्रतिनियुक्त नोडल अथवा पर्यवेक्षकीय पदाधिकारी की उपस्थिति में आम सहमति से वार्ड सचिव व वार्ड क्रियान्वयन प्रबंधन समिति का गठन किया जाना है। नियमों को ताक पर रखकर पंजी वार्ड में घर-घर घुमाकर लोगों से हस्ताक्षर कराने के बाद प्रस्ताव लेकर चयन की खानापूरी कर ली। बाद में कथित रूप से बीपीआरओ को मेल में लेकर प्रतिनियुक्त नोडल पदाधिकारी से सिग्नेचर करा चयन प्रक्रिया की वैधता पर भी मुहर लगवा लिया। लोग अब अचंभित हैं कि पंजी पर उन लोगों का हस्ताक्षर कुछ और कहकर कराया गया और उसी का उपयोग कर वार्ड सभा आयोजन दिखा दिया गया।

 इस संबंध में पातेपुर बीडीओ मनोज कुमार राय ने बताया कि वार्ड सचिव को बहाल करने में वार्ड सदस्य की मनमानी की शिकायत मिल रही है। दर्जनों आवेदन भी प्राप्त हुए हैं। बीपीआरओ के आने के बाद मामले की जांच कराई जाएगी।

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