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अप्रशिक्षित शिक्षकों के बकाए वेतन भुगतान एवं सेवामुक्त अप्रशिक्षित शिक्षक को पुनः सेवा मे बहाल करने को लेकर 23 मार्च से 26 मार्च तक पटना मे होगा धरना-प्रदर्शन

 


ब्यूरो अरुण कुमार साह की रिपोर्ट

मोतिहारी सूबे के लगभग साढ़े सत्रह हजार अप्रशिक्षित शिक्षकों का दो वर्षों से बकाए वेतन भुगतान एवं सेवामुक्त किए जा रहे कार्यवाई पर रोक के साथ सेवामुक्त शिक्षकों को पुनः सेवा मे बहाल करने हेतु बिहार प्रदेश प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता-मो.मशकूर आलम ने दिनांक-07.02.2022 को माननीय शिक्षा मंत्री,निदेशक प्राथमिक शिक्षा,प्रधान सचिव(शिक्षा विभाग) को आवेदन समर्पित कर समाधान करने का अनुरोध किया था और आवेदन के माध्यम से यह कहा गया था कि अगर उपरोक्त मांगों पर सरकार के द्वारा शीघ्र ही कोई ठोस कदम नही उठाया गया तो संघ बाध्य होकर पटना की धरती पर धरना-प्रदर्शन करने को विवश होगी लेकिन शिक्षा विभाग के द्वारा इस संदर्भ मे कोई ठोस पहल न कर उल्टे उन शिक्षकों पर सेवामुक्त जैसी कार्रवाई की जा रही है।इसलिए बिहार प्रदेश प्रारंभिक शिक्षक संघ बाध्य होकर दिनांक-23.03.2022 से लेकर 26.03.2022 तक पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा है।

 संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष-नवलकिशोर सिंह ने कहा है कि उन अप्रशिक्षित शिक्षकों का दो वर्ष से वेतन बाधित रहने के कारण उनके परिवार के समक्ष भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।परिवार के लोग दाने-दाने के मोहताज हो गए है।कई अप्रशिक्षित शिक्षक और उनके परिवार के सदस्य गम्भीर बिमारी से ग्रसित है और रूपए के अभाव मे वे अपना और अपने परिवार के सदस्यों का समुचित इलाज तक नही करवा पा रहे है।कई शिक्षक और उनके परिवार के सदस्य मौत को गले लगा चुके है और कई मरनासन की स्थिति मे है।

प्रदेश मीडिया प्रभारी-मृत्युंजय ठाकुर ने कहा कि cwjc-16214/2019, cwjc-24799/2019, cwjc-4471/21, 3402/21 मे माननीय उच्च न्यायालय,पटना ने कहा है कि अप्रशिक्षित शिक्षक सेवा मे यथास्थिति बने रहेंगे और उनका वेतन भुगतान भी किया जाए।

श्री ठाकुर ने कहा cwjc-16214 मे अप्रशिक्षित शिक्षकों से संबंधित 223 याचिका को माननीय उच्च न्यायालय,पटना ने एकसाथ टैग कर दिया है।करीब-करीब बिहार के सभी अप्रशिक्षित शिक्षक का याचिका cwjc-16214 मे टैग कर दिया गया है फिर किस आधार पर उन्हे सेवामुक्त किया जा रहा है।जब शिक्षक काम कर रहे है तो वेतन से वंचित रखना मानवाधिकार का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन है।

अतः इन सभी समस्याओं के समाधान को लेकर हम 23 मार्च से 26 मार्च तक पटना के गर्दनीबाग मे धरना-प्रदर्शन करने को विवश है और समाधान होने तक आंदोलन चलता रहेगा।

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