Breaking News

कुंती जीविका समूह की मुन्नी देवी दिल्ली में हुईं सम्मानित


 जमूई से सुशील कुमार की रिपोर्ट

  • जमुई जिले के चकाई प्रखंड के कियाजोड़ी पंचायत की रहने वाली हैं मुन्नी देवी।
  • प्रोजेक्ट उन्नति के तहत आरसेटी जमुई में ली थी बकरी पालन का प्रशिक्षण। 
  • आजादी के अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में 75 प्रशिक्षित लाभार्थियों के साथ मुन्नी देवी भी हुईं सम्मानित। 

 जिला पदाधिकारी जमुई अवनीश कुमार सिंह भा०प्र०से० के दिशा-निर्देश एवं लगातार मॉनिटरिंग फलस्वरूप जमुई में जीविका लगातार अपने क्षेत्र में अग्रसर हो रही है।

जिला पदाधिकारी जमुई अवनीश कुमार सिंह भा०प्र०से० के द्वारा बताया गया कि प्रोजेक्ट 'उन्नति' के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 75 लाभार्थियों को आज दिनांक 24 मार्च 2022 (गुरुवार) को नई दिल्ली के भीम ऑडिटोरियम हाल में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें से एक जमुई जिले के चकाई प्रखंड निवासी मुन्नी देवी भी हैं जिन्हें केन्द्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री श्री गिरिराज सिंह के द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में सम्मानित किया गया। चकाई प्रखंड के कियाजोड़ी पंचायत के भदवारी टोला गाँव की रहने वाली मुन्नी देवी "कुंती जीविका" स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। मुन्नी देवी ने प्रोजेक्ट उन्नति के तहत आरसेटी जमुई में बकरी पालन का प्रशिक्षण लिया था। प्रशिक्षणोपरांत  वह बकरी पालन कर अपनी आजीविका चला रही है।

  केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री, श्री गिरिराज सिंह के द्वारा 24 मार्च 2022 को नई दिल्ली के भीम ऑडिटोरियम में महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत परियोजना उन्नति के 75 प्रशिक्षित उम्मीदवारों को आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में सम्मानित किया गया। इस दौरान मंत्री महोदय के द्वारा परियोजना उन्नति के 75 प्रशिक्षित उम्मीदवारों के साथ-साथ राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों के अरसेटी से जुड़े बैंकरों को भी सम्मानित किया गया। जिन्होंने परियोजना उन्नति के उम्मीदवारों के प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने में योगदान दिया है। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और श्री फग्गन सिंह कुलस्ते और पंचायती राज राज्य मंत्री श्री कपिल मोरेश्वर पाटिल, सचिव (ग्रामीण विकास) श्री नागेंद्र नाथ सिन्हा और संयुक्त सचिव (महात्मा गांधी नरेगा) श्री रोहित कुमार उपस्थित थे| इस दौरान प्रशिक्षित उम्मीदवारों अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया की कैसे परियोजना उन्नति के द्वारा उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और इससे से उन्हें नया स्थायी आजीविका का अवसर मिला है|

गौरतलब है की परियोजना 'उन्नति', एक कौशल परियोजना के रूप में महात्मा गांधी नरेगा लाभार्थियों के कौशल ज्ञान को उन्नत करने और उनकी आजीविका में सुधार करने का उद्देश्य रखती है, ताकि वे वर्तमान आंशिक रोजगार से पूर्णकालिक रोजगार की ओर बढ़ सकें। परियोजना उन्नति के अंतर्गत अब तक कुल 18,166 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है।

कोई टिप्पणी नहीं

Type you comments here!