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शिक्षक नियुक्ति पत्र मिलने के बाद प्रधानाध्यापक द्वारा नही कराया जा रहा योगदान


वैशाली:
पातेपुर प्रखण्ड के सिमरबाड़ा राजकीय प्राथमिक विद्यालय लेमुआरी उर्दू सिमरबाड़ा में ग्रामीणों द्वारा नियुक्ति पत्र मिलने के वावजूद भी चयनित अभ्यर्थी को ग्रामीणों द्वारा योगदान नही लेने देने का मामला प्रकाश में आया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार वैशाली जिले के इनायतपुर प्रबोधी निवासी सीताराम राम के पुत्र राजेश कुमार को आरक्षण के तहत एससी कोटे से सिमरबाड़ा पंचायत सचिव राम नाथ  सिंह द्वारा नियुक्ति पत्र दिया गया था।नियुक्ति पत्र लेकर अभ्यर्थी  उर्दू प्राथमिक विद्यालय लेमुआरी सिमरबाड़ा में जब योगदान करने के लिए विधालय में पहुँचा तो विद्यालय प्रधानाध्यापक इसपर कोई सहयोग नही किया जबकि स्थानीय ग्रामीणों ने यह कहते हुये विद्यालय में अभ्यर्थी को योगदान करने से मना कर दिया कि इस विद्यालय में उसी शिक्षक की नियुक्ति किया जायेगा जिसके पास उर्दू शिक्षा की जानकारी होगा।ग्रामीण द्वारा विरोध के कारण चयनित शिक्षक अभ्यर्थी दर दर भटक रहे है ।नियुक्ति पत्र प्राप्त अभ्यर्थी राजेश कुमार का कहना है कि सिमरबाड़ा पंचायत कार्यालय द्वारा उन्हें नियुक्ति पत्र मिला है और 30 दिनों के अंदर विद्यालय के प्रधानाध्यापक के समक्ष शैक्षिक प्रमाण पत्र एवम अन्य प्रमाण पत्र की स्वअभिप्रमाणित छाया प्रति जमा कर समय से योगदान करें किन्तु मुझे ग्रामीणों द्वारा योगदान नही लेने दिया जा रहा है।स्थानीय मो मुर्तुजा,मो अंजार आदि का कहना है इसमें पूर्व में 2002 में ही शिक्षा विभाग द्वारा सिर्फ उर्दू के जानकार को नियोजन करने का आदेश प्राप्त है।वही इस संबंध में पूछे जाने पर प्रखण्ड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार राय एवं पंचायत सचिव राम नाथ सिंह का कहना है कि जिस अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र दिया गया है ।दिए गए निर्देश का पालन करना विद्यालय प्रधान को है।निर्देश के पालन नही करने पर कारवाई होगी।

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