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एक से बढ़कर एक गौरव इतिहास से भरा है बिहार: प्रकाश चंद्र

  • "बिहार दिवस"पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित कर छात्रों किया पुरस्कृत 


हाजीपुर
(वैशाली)जिले के जन्दाहा बाजार स्थित अवध कम्प्यूटर स्टडी सेंटर के परिसर में "बिहार दिवस" के अवसर पर निबंध कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रकाश चंद्र ने कहा कि 22 मार्च 1912 को बिहार राज्य अस्तित्व में आया था।उस समय उड़ीसा एवं झारखंड भी बिहार का हिस्सा था।आज बिहार राज्य अपने स्थापना का 110 वां वर्ष मना रहा है।उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बिहार का इतिहास व वर्तमान दोनों गौरव से भरा हुआ है।जहां बिहार पुरातन शिक्षा का केंद्र रहा है वहीं बिहार ने इस देश को प्रथम राष्ट्रपति भी दिया है।बिहार को राजनीतिक का प्रयोगशाला भी कहा जाता है।बिहार भगवान महावीर की जन्म भूमि तथा गौतम बुद्ध की कर्मभूमि भी रही है।एक से एक गणितज्ञ,शिक्षाविद और खगोल शास्त्री बिहार के माटी की ही उपज हैं।राष्ट्रकवि दिनकर जी का जन्म स्थली भी बिहार है।सिख के अंतिम गुरु गुरु गोविंद सिंह जी का जन्मस्थल भी बिहार है।महान शासक सम्राट अशोक का संबंध भी बिहार से जुड़ा हैं।महान गणितज्ञ आर्यभट्ट की जन्मस्थली भी बिहार ही है।दुनिया को सबसे पहला गणतंत्र देने वाला भी बिहार ही है।इसलिए हम कह सकते हैं कि बिहार के बिना राष्ट्र की कल्पना संभव नहीं है।इस अवसर पर संस्थान में निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।जिसमें सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार रितेश कुमार,मुकेश कुमार शिवानी कुमारी,करिश्मा कुमारी, दिवाकर कुमार,साक्षी कुमारी को तथा द्वितीय पुरस्कार अंजली कुमारी,गुड़िया कुमारी,प्रिंस कुमार,रोशन कुमार व अभिषेक कुमार को और तृतीय पुरस्कार कुणाल कुमार,अंकित कुमार राजवीर कुमार,साक्षी कुमारी,श्रेया कुमारी, देवेश गौतम को दिया गया।इस कार्यक्रम में संस्थान के कार्यालय प्रभारी चंदन कुमार,प्रयोगशाला प्रभारी लाल बाबू महतो,कार्यालय सहायक सतीश कुमार,प्रशिक्षु लैब सहायक सुजीत कुमार समेत सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित हुए।अंत में जय बिहार,जय जय बिहार के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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