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होली भारतीय संस्कृति की पहचान का पुनीत पर्व हैं --राजेन्द्र सिंह


चारोधाम मिश्रा, दावथ /एस एन बी/त्योहार सामाजिक बंधनों को प्रगाढ़ बनाने का एक माध्यम हैं।होली भारतीय संस्कृति की पहचान का पुनीत पर्व हैं, आपसी भेदभाव  मिटाकर पारस्परिक प्रेम व सदभाव प्रकट करने का एक सुनहरा अवसर हैं। अपने अंहकार दुर्गुणों तथा समस्त  कुसंस्कारों की आहुति देने का यज्ञ हैं,एवं पारस्परिक प्रेम सौहार्द को, आनंद,को, सहजता को, निरहंकारिता और सरल सहजता के सुख को उभारने का पावन उत्सव हैं।ये बातें भाजपा के वरिष्ठ नेता दिनारा विधानसभा  पूर्व विधायक प्रत्याशी राजेन्द्र सिंह ने दावथ में  होली मिलन समारोह के दौरान कहा।आगे उन्होंने कहा की  होली का पावन रंगोउत्सव  हमारे पूर्वजों की दूरदर्षिता हैं जो अनेकों सामाजिक  विषमताओं के बीच भी समाज मे एकत्व का संचार करता हैं।होली के रंग   बिरंगो रंगों की बौछार हमारे मन मे एक सुखद अनुभूति भी उतपन्न करती हैं। मौके पर मंडल महामंत्री बिनोद सिंह,अखिलेश कुमार, रामजी तिवारी, सुनील गुप्ता, ढुंनमून सिंह,गुड्डू सिंह, मुन्ना कुशवाहा, विजय तिवारी, जित्येंद्र सिंह, बनजी तिवारी, गुड्डू तिवारी, गोपाल जी सिंह, कुँवर सिंह,संजीत सिंह, हरिहर राय, पंचरत्न सिंह, भोला महतो,लोरिक महतो,मुकुर बारी,  विजय क्रांति, विध्याचल केशरी, सहित कई लोग उपस्थित थे।

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