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आज डुमरा परेड मैदान में आयोजित सीतामढ़ी महोत्सव के मुशायरा कार्यक्रम शान्ति पूर्वक से संपन्न हुआ

सीतामढ़ी ब्यूरो दीपक पटेल की रिपोर्ट // गंगा जमुनी इस तहजीब की कुछ ऐसी,गीता का मैं पाठ पढू,हाथों में तेरे कुरान रहे। वक्त अगर पड़ जाए तो,अपनी सर की सलामी पेश करे,जिस मिट्टी का दाना खाये दिल,इस पर कुर्बान करें। उक्त कई नज्में आज डुमरा परेड मैदान में आयोजित सीतामढ़ी महोत्सव के मुशायरा कार्यक्रम में गूंज रही थी,और लोग वाह-वाह कर रहे थे। सीतामढ़ी महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ,बिहार सरकार के तत्वाधान में  मुशायरा कार्यक्रम में प्रसिद्ध शायरों  ने अपनी शायरी से *डुमरा परेड मैदान की  मौसम ही बदल डाला। मिन्नतें बार बार करती रही तुमसे शिकवे हजार करती रही ये न सोचा कि तुम भी सुरज हो रातभर इंतजार करती रही, 

 तेरी *खिलवत में कोई आया है। उस का सदका उतार तन्हाई उनके बख्शए, हु ए ये तोहफे है। जाम, मीना, खुमार तन्हाई

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