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₹ 644 करोड़ की लागत से नव निर्मित 400/220/132 के . वी सीतामढ़ी विधुत उपकेंद्र राष्ट्र को किया समर्पित


सीतामढ़ी से दीपक पटेल की रिपोर्ट

माननीय केन्द्रीय मंत्री ( विद्युत , नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा ) , श्री आर . के . सिंह द्वारा नव निर्मित 400/220/132 के . वी . सीतामढ़ी विद्युत उपकेंद्र को आज अंबेडकर दिवस के अवसर पर राष्ट्र को समर्पित किया गया । इस उपकेंद्र का निर्माण विद्युत मंत्रालय , भारत सरकार की महारत्ना कंपनी पावर ग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा किया गया है , जो कि टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली ( TBCB ) मार्ग के तहत पूर्वी क्षेत्र सुदृढ़ीकरण योजना- XXI ( ERSS - XXI ) परियोजना का हिस्सा है । 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव , माननीय ऊर्जा , योजना एवं विकास मंत्री , बिहार की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ । इस अवसर पर माननीय सांसद , सीतामढ़ी , श्री सुनील कुमार पिंटू , माननीय विधायक , सीतामढ़ी श्री मिथिलेश कुमार , बिहार विधान परिषद के माननीय सदस्य श्री देवेश चन्द्र ठाकुर , प्रो संजय कुमार सिंह एवं श्रीमती रेखा कुमारी,जिलाधिकारी सुनील कुमार यादव,एसपी हरकिशोर राय भी उपस्थित थे। इसके साथ ही इस अवसर पर श्री संजीव हंस , प्रिंसिपल सेक्रेटरी ( एनर्जी ) बिहार सरकार , श्री के . श्रीकांत , अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक , पावरग्रिड तथा राज्य सरकार एवं पावरग्रिड के वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित थे । गौरतलब हो कि 2019 में बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा इसकी रखी गयी थी। यह उप - केंद्र सीतामढ़ी जिला के डुमरा प्रखण्ड के अंतर्गत परमानंदपुर गाँव में बना है और ऊर्जा प्रवाह के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है । 36 एकड़ भूमि में बने इस विद्युत उपकेंद्र की कुल लागत ₹ 644 करोड़ रुपए है एवं इसकी ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 1400 एमवीए तक है।

 यह उप - केंद्र 400/220/132 के . वी . मोतिहारी एवं दरभंगा उप - केंद्र से जुड़ा है और उत्तर बिहार के लिए 400 के.वी. अंतर राज्यीय पारेषण प्रणाली का एक अतिरिक्त स्रोत प्रदान कर नेशनल ग्रिड के साथ राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान कर रहा है । 31 मार्च , 2022 की स्थिति के अनुसार , पावरग्रिड लगभग 1,72,437 सर्किट किमी ट्रांसमिशन लाइनों और लगभग 4,74,457 एमवीए की परिवर्तन क्षमता वाले 265 सब - स्टेशनों का स्वामित्व और संचालन कर रहा है । नवीनतम उपकरणों और तकनीक को अपनाने , स्वचालन तथा डिजिटल समाधानों के उन्नत उपयोग से पावरग्रिड पारेषण प्रणाली की औसत उपलब्धता 99 % से ज्यादा बनाए रखने में सक्षम रहा है।

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