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तीन दिवसीय "वैशाली महोत्सव" का होगा रंगारंग उद्घाटन

  • 14 अप्रैल से 16 तक होंगे कई प्रोग्राम


रिपोर्ट प्रभंजन कुमार मिश्रा वैशाली बिहार

  • कुमार शानू समेत कई कलाकारों की प्रस्तुती पर झूमेगे लोग 

 हाजीपुर (वैशाली)दुनिया के नक्शे पर शांति का संदेश देने वाली भूमि वैशाली,लोकतंत्र की जन्मभूमि वैशाली,भगवान महावीर की जन्मभूमि वैशाली,बुद्ध की कर्मभूमि, राजा विशाल का गढ़ वैशाली की धरती एक बार फिर अपने आप पर गौरवान्वित होने को तैयार है।मौका है तीन दिवसीय "वैशाली महोत्सव" के आगाज का।जो कई सालों बाद वैशाली की सरजमीं पर 14-16 अप्रैल तक वैशाली महोत्सव हो रहा है।जिसकी सारी तैयारी मुकम्मल कर ली गई हैं।इस को लेकर वैशाली में जिला प्रशासन द्वारा एक आकर्षक पंडाल का निर्माण किया जा रहा है जो पूरा होने वाला है।वहीं इस कार्यक्रम को लेकर वैशाली में सुबह में शोभा यात्रा निकाली जाएगी जो भगवान महावीर के जन्मस्थान तक जाएगी।इस दौरान जैन धर्म के परम्परा के अनुसार वैदिक मंत्रोचार और मंगलाचरण के साथ पूजा की जायेगी।इस बारे में जानकारी देते हुए प्राकृत जैन शास्त्र और अहिंसा शोध संस्थान वैशाली की निदेशक प्रोफेसर मंजू बाला ने बताया कि महावीर जयंती के अवसर पर जगदीश चंद्र माथुर स्मृति व्याख्यानमाला 2022 का आयोजन किया जायेगा।वहीं महोत्सव में 34 सरकारी विभागों की 60 प्रदर्शनियां और स्टॉल लगाए जाएंगे।कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय मछुआरे के माध्यम से भगवान महावीर की जीवनी पर आधारित चैता गीत के साथ होगी।उसके बाद जैन समुदाय के लोग धार्मिक भजन और नृत्य पेश करेंगे।वैशाली महोत्सव के पुरानी परम्परा को जिंदा रखने के मकसद से नये अंदाज में रंगारंग और आकर्षक रूप दिया गया है।वैशाली की भूमि प्रसिद्ध नर्तक आम्रपाली के लिए भी प्रसिद्ध है।इसलिए इस बार भी कई सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा भोजपुरी, हिंदी और स्थानीय गायकों और कलाकारों का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है।इस बार हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध गायक कुमार शानू भी अपने गीतों से लोगों को मंत्रमुग्ध करने वाले हैं।उनका कार्यक्रम अंतिम दिन होना है।वहीं कई रंगारंग और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।याद रहे कि वैशाली महोत्सव को पहली बार 31 मार्च 1945 में उस समय के वर्तमान एसडीओ जगदीश चंद्र माथुर ने आयोजित किया था।

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