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एईएस-जेई पीड़ित बच्चों के इलाज को लेकर मिला प्रशिक्षण


वैशाली केयर इंडिया की ओर से दिया गया प्रशिक्षण, शिशु रोग विशेषज्ञ एवं एएनएम शामिल

सरकारी अस्पतालों में एईएस, जेई, मस्तिष्क बुखार, चमकी पीड़ित बच्चों की सही देखभाल और इलाज को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में केयर इंडिया की ओर से प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें शिशु रोग विशेषज्ञ एवं एएनएम को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में उक्त बीमारी से प्रभावित बच्चों का उचित प्रबंधन एवं पीकू, एईएस वार्ड में भर्ती कर इलाज सुनिश्चित करने तथा टेली आईसीयू कंसल्टेशन सेवा प्रारंभ करने तथा पीकू का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की जानकारी दी गयी। केयर इंडिया की ओर से प्रशिक्षक डॉ नीरज कुमार, डॉ हरिनी, डॉ आशुतोष और राकेश कुमार ने प्रशिक्षण दिया। मौके पर केयर डीटीएल सुमित कुमार मौजूद रहे। 

चमकी व एईएस से सावधानी जरूरी-

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार मोहन ने बताया कि बढ़ रहे तापमान में चमकी व एईएस से सावधानी जरूरी है। इससे बचाव के लिये अभिभावक अपने बच्चे को धूप से बचाएं। रात को किसी भी हालत में भूखे नहीं सोने दें। दिन में एक बार ओआरएस घोल कर जरूर पिलाएं। बच्चे को कच्चा लीची नहीं खाने दें। बच्चा अगर घर में भी है तो घर की खिड़की व दरवाजा बंद नहीं करें। हवादार रहने दें। साफ सफाई पर ध्यान दें। क्षेत्र की आशा, चिकित्सकों व नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के नम्बर अपने पास रखें।

चमकी पर पूरी तरह हैं सजग और सतर्क-

जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल अधिकारी डॉ एसपी सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग चमकी पर पूरी तरह सजग और सतर्क है। पीएचसी स्तर तक सुविधाएं संपूर्ण हैं। हर एक पीएचसी में वातानुकूलित दो बेड का वार्ड चमकी के लिए रिजर्व किया गया है। वहीं सदर अस्पताल में एईएस के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं। इसके अलावा पीकू वार्ड भी तैयार है। अस्पतालों में ऑक्सीमीटर औरb ग्लूकोमीटर जैसे छोटे और उपयोगी उपकरणों सहित आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जा चुकी है। गांवों में ओआरएस पैकेट बांटे जा रहे हैं। 

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