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मां दुर्गा की पूजा अर्चना के लिए कलश स्थापना कर पूजा अर्चना शुरू की।

 


पातेपुर से अरविंद कुमार मिश्रा उर्फ बब्लू मिश्रा की रिपोर्ट।

कलश स्थापना के साथ ही चैती नवरात्रा का कठोर महा अनुष्ठान शुरू होने से पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल कायम हो गया है। नौ दिनों तक चलने वाले चैती नवरात्रा व्रत की शुरुआत कलश स्थापना के साथ देवी शैलपुत्री की पूजा अर्चना से शुरू हो गया। प्रखंड क्षेत्र के गिने चुने चौक चौराहों एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्थित देवी मंदिरों के साथ साथ श्रद्धालुओ ने अपने अपने घरों में भी मां दुर्गा की पूजा अर्चना के लिए कलश स्थापना कर पूजा अर्चना शुरू की।

          पातेपुर प्रखंड के मालपुर गांव स्थित मनोकामना सिद्धि मां दुर्गा मंदिर में पूरे विधि विधान के साथ कलश स्थापना कर मां भगवती के प्रथम रूप शैलपुत्री की पूजा अर्चना के साथ नौ दिवसीय कठिन अनुष्ठान की शुरुआत के साथ ही पूरे पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल कायम हो गया है। नवरात्रा के शुरू होते है प्रखंड क्षेत्र के तमाम देवी मंदिरों, चौक चौराहों के साथ साथ लोगो ने अपने घरों में भी अनुष्ठान की शुरुआत कर पूजा अर्चना की। पातेपुर प्रखंड में प्रमुख रूप से मालपुर स्थित शिवना चौक, बाजितपुर, तीसीऔता, मुसापुर, बहुआरा, डभैच्छ, गांडा बलिगांव, समेत दर्जनों स्थानों पर मां भगवती की मूर्ति स्थापना के साथ ही पूजा को लेकर लोगो मे चहल पहल दिखने लगा है। बसंतीये नवरात्र के शुरू होते ही पूरे क्षेत्र में मां भगवती के मंत्रोच्चार एवं देवी गीतों के धुन से पूरा इलाका गुंजायमान हो गया है।मालपुर दुर्गा मंदिर के आचार्य आनंद झा ने बताया कि पर्वत राज हिमालय के घर जन्मी देवी शक्ति के प्रथम रूप के कारण नवरात्र के प्रथम दिन मां भगवती के प्रथम रूप की पूजा शैलपुत्री के रूप में कई जाती है। मां शैलपुत्री की पूजा से मनुष्य को यश, वैभव, के साथ साथ सभी मनोकामना पूर्ण होती है।

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