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टिड्डे के आतंक और फसल के नुकसान से किसान परेशान



बिदुपुर प्रखण्ड क्षेत्र चवर में सैंकड़ो हेक्टेयर के मक्के के फसल को टिड्डे चट कर गए।टिड्डे के आतंक और फसल के नुकसान से किसान परेशान है।शुक्रवार को स्थानीय किसानों के सूचना पर कृषि विभाग की टीम ने क्षतिग्रस्त फसल और स्थिति का मुआयना किया।जहा असंख्य टिड्डे फसल को चौपट करते पाए गए।किसानों को फसल के बचाव और टिड्डे पर नियंत्रण के लिये दवाओं की जानकारी और सुझाव दिया गया।किसान फसल की इतनी बड़ी क्षति के लिये पंचायत के कृषि सलाहकार और कृषि समन्यवक को जिम्मेवार ठहरा रहे थे और आक्रोशित दिखे।

मिली जानकारी के अनुसार प्रखण्ड के खानपुर पकड़ी,चेचर,खिलवत के चवर क्षेत्र में बीते वर्ष अच्छी बारिश के कारण मकई की खेती बड़े पैमाने पर किसानों ने किया।फसल अच्छी होने की उम्मीद में हरे भरे फसल को देख किसान गदगद थे।इसी बीच बीते चार पाच दिनों में ही टिड्डी दल फसल पर टूट पड़े और देखते देखते सैंकड़ो हेक्टेयर फसल को चौपट कर दिया।मकई के खेत मे सिर्फ मकई का डंठल दिखाई दे रहा।टिड्डे की मार सबसे अधिक चांदपुरा सैदाबाद,खपुरा, खजवत्ती,चेचर चवर एरिया में पाया गया है।

किसानों में आक्रोश----

टिड्डे से चौपट हुए फसल के नुकसान की मार झेल रहे चांदपुरा सैदवाद के किसान अशोक कुमार सिंह,अनिल सिंह,शिवनाथ सिंह,सुधीर कुमार,शिवसहाय सिंह,बिक्की कुमार,श्रवण सिंह,रामअधिन सिंह,प्रेम लाल सिंह,भोला सिंह,राकेश कुमार,सरदार सिंह आदि ने बताया कि इतने बड़े पैमाने पर फसल की क्षति के लिये कृषि विभाग के अधिकारी जिम्मेवार है।पंचायत के कृषि सलाहकार अजीत कुमार गुप्ता,समन्वयक विनय कुमार दोनो पंचायत में फसल क्षति के मुआवजे से सम्बंधित कार्यो से क्षेत्र बर्बख्त आते है।उन्हें पता था कि किसान टिड्डों के द्वारा फसल होने की मार झेल रहे है।लेकिन इसपर कोई नोटिस नही लिया गया।किसान यह भी आरोप लगा रहे थे कि कृषि सलाहकार और समन्यवक मोटी रकम कमीशन का डिमांड रखते और मिलने पर फसल का मुआवजा मिलता है।सब ने बताया कि धान के फसल के मुआवजे की भुगतान के लिये प्रत्येक किसान दस हजार रूपये कमीशन की मांगी गई।यह भी बताया गया कमीशन लेकर जिनके पास जमीन नही के बराबर है उनको भी मुआवजा का भुगतान किया गया है।

प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी रत्नेश कुमार ने बताया कि पक गए फसल के इर्दगिर्द अगर हरा फसल बचा होता है तब ऐसी स्थिति आती है।टिड्डा से बचाव के लिये किसानों को मालथियोन 50सीसी डस्ट या लक्यूईड प्रति एकड़ के हिसाब से शाम में छिड़काव प्रभावित और बचे फसल पर किये जाने से इसपर आराम से काबू पाया जा सकता है।मौके पर कृषि सलाहकार प्रेम कुमार,सुनील कुमार,विजय पांडेय मौजूद थे।

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