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दूल्हे के लड़खड़ाते कदमों को देख दुल्हन ने शादी से किया इंकार

  • बोधविगहा से दाउदनगर दुल्हन लाने गई बारात बैरंग लौटी वापस


अरवल जिला ब्यूरो वीरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट

कलेर(अरवल)। प्रखंड क्षेत्र से सज धजकर दुल्हन लाने निकली बारात दूल्हे के करनामें से वापस लौट गई। दूल्हे के लड़खड़ाते कदमों को देख दुल्हन ने शादी से इंकार कर दिया, जिसके बाद बरातियों को शर्मसार होकर वापस लौटना पड़ा। मामला प्रखंड के मेहंदिया थाना स्थित पहलेजा पंचायत अंतर्गत बोध विगहा गांव से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को गाजे बाजे के साथ यहां से बारात निकली थी। बरात औरंगाबाद के दाउदनगर गई थी। दाउदनगर के निर्धारित एक निजी मैरिज हॉल में सभी रीति रस्म के साथ शादी हो रही थी। इस दौरान जयमाला का आयोजन किया गया था। फ्लोर पर उत्साहित होकर दुल्हन जयमाला लिए दूल्हे के इंतजार में खड़ी थी। जैसे ही अपने समर्थकों के साथ दूल्हा फ्लोर पर पहुंचा तो दुल्हन ने उसके गले में माला डाल दिया। इधर दूल्हे के लड़खड़ाते कदम व हाव भाव को देखकर दुल्हन ने तुरंत जयमाला को दूल्हे के गर्दन से निकाल लिया और मैरिज हॉल में बने शादी मंडप से बारातियों को गो आउट कहते हुए शादी से इनकार कर दिया। इस दौरान वर पक्ष के द्वारा हाई वोल्टेज ड्रामा भी किया गया, लेकिन दुल्हन किसी भी कीमत पर नशेबाज दूल्हा से शादी नहीं करना चाहती थी। यही नहीं दुल्हन ने मंडप से उतर कर लाल जोड़े कपड़े को फेंकते हुए अपने मोबाइल के माध्यम से पुलिस को सूचना दे दिया तथा प्रशासन की मौजूदगी में बगैर फेरे लिए वापस अपने परिजनों के साथ घर लौट गई। हालांकि दाउदनगर पुलिस ने समझौता के लिए बहुत कोशिश किया, लेकिन दुल्हन का कहना था कि ऐसा पति नहीं चाहिए। अंततः बारात मुंह छुपाते हुए जैसे तैसे वापस अपने घर लौट गया।

इधर दुल्हन के द्वारा इस तरह से शादी को इनकार किए जाने से चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विकृत भारतीय संस्कृति एवं उसकी विविधता पर शिक्षा का स्पष्ट प्रभाव पड़ता दिखाई दे रहा है। स्त्री भी अपनी मान मर्यादा का ख्याल रखते हुए पौराणिक विकृत संस्कृति के बंधन से आजाद होना चाहती है।

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