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देश में रबर स्टाम्प की राजनीति हावी


सोनो जमुई संवाददाता चंद्रदेव बरनवाल की रिपोर्ट

  •  रबर स्टाम्प की राजनीति का विरोध करते हुए युवाओं को राजनैतिक में अपनी दिलचस्पी दिखने की जरूरत 

आरक्षण की वजह से दलितों को टिकट देना दलों की राजनीतिक मजबूरी तो है लेकिन मुख्यधारा की राजनीति पढ़े लिखे और तेज तर्रार दलित नेताओं को आगे करने की बजाय कमजोर और जी हजूरी करने वाले दलित नेताओं को ही आगे करती है । जिसका मुख्य कारण यह है कि रबर स्टांप के तौर पर दलित राजनेता राजनीतिक दलों की पहली पसंद रहे हैं , जब भी किसी कद्दावर नेता को मजबूरी में अपना पद छोड़ना पड़ता है तो वह किसी दलित नेता को आगे कर देता है । क्योंकि उनकी सोच यह रहती है कि दलित नेता कमजोर होता है एवं वह बगावत नही करेगा तथा उसे मौका देने वाले नेता का अहसान मानकर उसकी चरण पादुका रखकर सरकार चलाता रहेगा ।‌ उक्त बातें झामुमो नेता पृथ्वीराज हेम्ब्रम ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही । उन्होंने कहा कि वंसवादी नेता राजनीति के आड़ में अच्छे और होनहार लोगों को राजनीति से बाहर रखने और रबर स्टांप के तौर पर अपने बेटा बेटी को सत्ता और सरकार में बनाये रखने की राजनीतिक खेल होता रहा है । लिहाजा उम्मीद ही नहीं पुर्ण विश्वास है कि वर्तमन समय में युवाओं में सामाजिक व राजनैतिक महत्वाकांक्षा बढ़ी है ।और इस युग को बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की युग के रूप में साबित करना चाहते हैं ।जो वास्तव में इसे सफल बनाने के लिए सड़क से संसद तक एक जुटता दिखाते हुए , ये रबर स्टांप की राजनीति का अंत करने और संविधान के हिसाब से लोकतंत्र को जमीनी हकीकत में लाने के लिए संघर्ष करंगें ।

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