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पति के दीर्घायु की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने मनाया वट सावित्री का व्रत


  • वट वृक्ष पर रक्षा सूत्र बांधकर सुनी सावित्री सत्यवान की अमरकथा।

रिपोर्ट चारो धाम मिश्रा दावथ रोहतास  

पति की लंबी उम्र की प्रार्थना और सदा सुहागन रहने के संकल्प के साथ सोमवार को वट सावित्री की पूजा दावथ प्रखंड के विभिन्न शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मनाया गया। यह त्योहार खासकर उन महिलाओं के लिये विशेष फलदायी है, जो नियम और निष्ठा से वट वृक्ष की पूजा करती है।

उन्हें अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।मान्यतानुसार बट सावित्री की पूजा बरगद की छांव तले सुहागिन महिलाओं द्वारा किया जाता है। सुखी वैवाहिक जीवन तथा पुत्र प्राप्ति के लिये भी यह पूजा हर साल की जाती है।अनु मिश्रा, शांति देवी, उर्मिला देवी, वैजयंती देवी, पिंकी देवी, सीमा देवी, गुड़िया देवी, रीता देवी, पूनम देवी, जुली देवी, बंदना देवी, सहित कई महिलाओं ने व्रत का उपवास रखकर नियम निष्ठा के साथ पूजा करती देखी गयी। व्रत का पालन करते हुए अखंड सौभाग्यवति होने का आशीर्वाद माँगा। सुहागिन महिलाएं सुबह सबेरे सज धज कर सोलह श्रृंगार करके वट वृक्ष के चारों ओर सात फेरे लेते हुए रक्षा सूत्र बांध कर सुखद जीवन तथा अपने पति की लंबी उम्र की कामना की। सावित्री सत्यवान की पौराणिक कथा का श्रवण कर सुहागिनें अपने सुहाग की सलामती के लिये भगवान से प्रार्थना की। 

मान्यता के अनुसार पति की लंबी आयु कामना के लिए सुहागन महिलाओं द्वारा वट सावित्री व्रत भक्ति भाव से रखा जाता है। सोमवार को धर्म प्रतीक के रूप में बरगद पेड़ के नीचे धूप, दीप, नैवेद्य के साथ पूजा अर्चना की। विभिन्न गांव के सुहागन ने इस पर्व के मौके पर उपवास रखा। पर्व को लेकर ऐसी मान्यता है कि दांपत्य जीवन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आती है तथा पति को लंबी आयु प्राप्त होती है। इसी मान्यता के अनुसार सौभाग्यवती स्त्रियां भक्ति भाव से यह पर्व अवश्य करती है।

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