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वीर सपूत, महान योद्धा और अदभुत शौर्य व साहस के प्रतीक महाराणा प्रताप: डॉ मनीष रंजन


बिक्रमगंज
/रोहतास । सोमवार को स्थानीय वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय धारूपुर में विश्व के गौरव और आत्मसम्मान के प्रतीक महाराणा प्रताप की 482 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य एवं भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री डॉ मनीष रंजन ने महाराणा प्रताप के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी । डॉ रंजन ने बताया कि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को कुंभलगढ़ दुर्ग (पाली) में हुआ था । लेकिन राजस्थान में राजपूत समाज का एक बड़ा तबका उनका जन्मदिन हिन्दू तिथि के हिसाब से मनाता है । महाराणा प्रताप ने अपनी मां से ही युद्ध कौशल सीखा था । देश के इतिहास में दर्ज हल्दीघाटी का युद्ध आज भी पढ़ा जाता है । राजा महाराणा प्रताप और मुगल बादशाह अकबर के बीच लड़ा गया ये युद्ध बहुत ही विनाशकारी था । महाराणा प्रताप का नाम इतिहास में वीरता एवं पराक्रम के लिए अमर है । उन्होनें कई साल तक मुगलों से संघर्ष किया पर उनकी अधीनता स्वीकार नहीं की । पूरे विश्व के इतिहास में ऐसा शौर्य और पराक्रम की प्रतिमूर्ति का दुबारा जन्म संभव नहीं है । डॉo रंजन ने बताया कि घास की रोटी खाकर भी लड़ते रहे पर उन्होंने मुगलों से हार स्वीकार नहीं की, ऐसे महापुरुष की जीवनी से हम सभी को शिक्षा लेनी चाहिए । इस कार्यक्रम में उपाध्यक्ष सुनील सिंह, प्रवक्ता दिनेश सिंह, भीम पांडेय, ललन चौरसिया, सचिव लालबिहारी सिंह, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉo सुरेंद्र कुमार सिंह, प्रो बीर बहादुर सिंह, प्रो उमाशंकर सिंह, प्रो शिवकुमार सिंह, प्रो अखिलेश सिंह, प्रो विजय सिंह, प्रो ज्ञान प्रकाश सिन्हा, प्रो ब्रजकिशोर सिंह, प्रो अनील सिंह, प्रो अजय सिंह, प्रो दिनेश कुमार, प्रो कुमार विवेक, प्रो बलवंत सिंह, अभय कुमार सिंह, अजय कुमार मिश्रा, राजेश्वर सिंह, रोहित कुमार तिवारी, मंटू कुमार चौधरी, विवेक कुमार, परवेज खान और सभी कर्मचारी उपस्थित थे ।

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