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लम्बित मामलों में अविलम्ब चार्जशीट दायर करें:-वैशाली जिलाधिकारी


हाजीपुर:
-वैशाली जिलाधिकारी श्री यशपाल मीणा की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज कांडों में मुआवजा भुगतान की स्थिति समीक्षा के लिए जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न हुयी जिसमें जिलाधिकारी के द्वारा निदेश दिया गया कि वैसे सभी मामले जिसमें चार्जशीट दायर नहीं है उन सभी में अविलम्ब चार्जशीट दायर करायी जाय। जिलाधिकारी के द्वारा विशेष लोक अभियोजक को पुलिस पदाधिकारी एवं जिला कल्याण पदाधिकारी से समन्वय स्थापित कर मामलों के त्वरित निष्पादन का निदेश दिया गया।हत्या के मामले में पोस्टमार्टम की रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए सिविल सर्जन वैशाली को दूरभाष पर ही निदेश दिया गया।यह मामला पातेपुर अंचल के बालिगाँव थाना के अग्रेलडीह का था जो बालिगाँव थाना काण्ड संख्या 31/22 दिनांक-22.03.2022 से संबंधित था।इसमें आईपीसी की धारा 302 लगी हुयी है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुयी इस बैठक में जिला कल्याण शाखा के द्वारा समिति के समक्ष कुल 90 मामलों को रखा गया थाजिलाधिकारी ने यह जानना चाहा कि अभी तक कुल कितने मामलों में प्राथमिकी दर्ज हुयी है,कितनी मामलों में आरोप पत्र दायर है।कुल कितने पिड़ित परिवार को राहत का प्रथम किस्त एवं दूसरा किस्त मिला है।इसका व्यवस्थित ब्योरा नहीं दिये जाने पर जिलाधिकारी के द्वारा जिला कल्याण पदाधिकारी से स्पष्टीकरण करने का निदेश दिया गया।वहीं पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय श्री देवेन्द्र प्रसाद के द्वारा बताया गया कि वर्ष 2019 में कुल 169 कांड प्रतिवेदित हुआ जिसमें 151 के विरूद्ध आरोप पत्र दायर किया गया तथा 14 के विरूद्ध अंतिम प्रतिवेदन दाखिल दिया गया।केवल चार कांड लम्बित रह गये है।उसी प्रकार 2020 में कुल 241 कांड प्रतिवेदित हुआ जिसमें 221 के विरूद्ध आरोप पत्र दायर किया गया तथा 7 के विरुद्ध अंतिम प्रतिवेदन 1 वर्ष 2021 में कुल 199 प्रतिवेदन प्राप्त हुआ जिसमें 161 में चार्जशीट एवं 5 में अंतिम प्रतिवेदन दाखिल की गयी। वर्तमान वर्ष 2022 में अभी तक कुल 66 मामले प्रतिवेदित है।जिसमें 13 के विरूद्ध चार्जशीट दायर कर दी गयी है।इस पर जिलाधिकारी के द्वारा निदेश दिया गया कि लम्बित 

मामलों की सूची बना लें तथा जो मामले पुराने हैं पहले उनका मुआवजा दें और राशि की कमी है तो विभाग से आवंटन की मांग कर ले।इस अवसर पर बैठक में उपस्थित विशेष लोक अभियोजक से पुलिस अधीक्षक ने पुछा कि वैसे कितने मामले हैं जिसमें बहस चल रही है एवं जिसमें बहस पूरी हो गयी है।लोक अभियोजन ने बताया कि बहुत से मामलों में साक्ष्य आ गया है और जो बाकी है उस पर भी कार्य किया जा रहा है।इस पर जिलाधिकारी के द्वारा निदेश दिया गया कि साक्ष्य के आभाव में ट्रायल प्रभावित नही हो इस पर ध्यान देना होगा। उन्होंने गवाही कराने के मामलों में थानों को सहयोग करने की बात भी कही।इस बैठक में जिलाधिकारी के साथ पुलिस अधीक्षक श्री मनीष, पुलिस उपाधीक्षक श्री देवेन्द्र प्रसाद,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी हाजीपुर,जिला कल्याण पदाधिकारी,विशेष लोक अभियोजक,थानाध्यक्ष अनुसूचित जाति थाना हाजीपुर,वैशाली सांसद प्रतिनिधि श्री गोलू कुमार, हाजीपुर सांसद प्रतिनिधि श्री प्रमोद कुमार सिंह,समिति के सदस्य लक्ष्मण पासवान, शिवाजी कांत,बेबी कुमारी, गणेश राय,धनंजय कुमार उपस्थित थे।

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