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पुराने पेड़ों की रखवाली भी अत्यंत आवश्यक है: डीएम


जमुई से सुशील कुमार की रिपोर्ट

पुराने वृक्षों के दिन अब इनके संरक्षण और संव‌र्द्धन के लिए एक योजना बनाई गई है। जिला प्रशासन ने इस दिशा में निर्देश जारी किया है। सरकार का मानना है कि एक तरफ जल जीवन हरियाली महाअभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है तो दूसरी तरफ पुराने पेड़ों की रखवाली भी अत्यंत आवश्यक है।

  समाहर्त्ता अवनीश कुमार सिंह ने इस आशय की जानकारी देते हुए कहा कि इको सिस्टम की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुराने वृक्ष जैसे पीपल, बरगद, पाकड़, आम, नीम, ईमली आदि बाढ़, वज्रपात या मिट्टी कटाव सहित अन्य कारणों से नष्ट अथवा गिर जा रहे हैं। मानव और पशु - पक्षियों से इन वृक्षों का गहरा संबंध रहा है। ऐसे वृक्षों को बचाने के लिए इनकी रखवाली करना जरूरी है। पुराने वृक्ष हमारे धार्मिक और पौराणिक परंपराओं के साथ भारतीय संस्कृति का अमूल्य धरोहर है। सम्बंधित वृक्ष नए वृक्षों से अधिक ऑक्सीजन उत्सर्जन के साथ पर्यावरण शुद्धिकरण और जैव विविधता में संतुलन बनाते हैं। एक पुराना वृक्ष एक वर्ष में करीब 15 हजार लीटर पानी अवरोधन का कार्य करता है। साथ ही नए वृक्ष की अपेक्षा कार्बनडाईऑक्साइड उत्सर्जन को भी रोकता है। जिलाधिकारी श्री सिंह ने बताया कि जल जीवन हरियाली महाअभियान के अंतर्गत पुराने पेड़ों की रखवाली के लिए जिला स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य योजना बनायी गयी है। इसके लिए प्रखंड स्तर पर बीडीओ नोडल अधिकारी होंगे। वे अपने स्तर से वार्ड सदस्य, पंचायत सचिव, विकास मित्र, मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी, पंचायत रोजगार सेवक, प्रखंड कार्यालय से सम्बद्ध अधिकारी एवं कर्मियों के साथ जनप्रतिनिधियों को अपने - अपने वार्ड में पुराने वृक्षों के चयन करने का दायित्व सौंपेंगे और उन्हें इस पावन कार्य में यथोचित सहयोग करेंगे। वहीं नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्र में कार्यपालक पदाधिकारी, निकाय कर्मी, वार्ड सदस्य, पर्यावरण प्रेमी तथा समाज के जागरूक व्यक्तियों के सहयोग से प्रत्येक वार्ड में प्राचीन पेड़ों की पहचान करेंगे और इसकी देखभाल के लिए कारगर कदम उठाएंगे। उन्होंने बीडीओ एवं कार्यपालक पदाधिकारी को निदेशित करते हुए कहा कि प्रत्येक चिंहित पेड़ हेतु एक कर्मी को वृक्ष मित्र के रूप में नामित करें। वृक्ष मित्र का दायित्व होगा कि वे चिंहित पेड़ के संरक्षण हेतु स्थानीय स्तर पर बैठक कर कार्यक्रम तय करेंगे और इसे क्रियान्वित करने की दिशा में कारगर कदम उठाएंगे। डीएम श्री सिंह ने इसी संदर्भ में कहा कि जिला के सभी वार्डों एवं नगर परिषद तथा नगर पंचायत में पुराने पेड़ों की पहचान का कार्य 28 जून तक पूरा कर लिया जाना है। डीडीसी 30 जून को इस मामले का अनुश्रवण करेंगे और वांछित निर्देश देंगे।

श्री सिंह ने जिलावासियों से शालीनता के साथ आग्रह करते हुए कहा कि वे पुराने पेड़ों की अहमियत को जानें और इसके देखभाल में सम्बंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को सकारात्मक सहयोग करें।

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