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मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना के तहत स्वीकृत संबंधित जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ


सीतामढ़ी जिला ब्यूरो दीपक पटेल की रिपोर्ट
                   

जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीना ने अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना के तहत स्वीकृति से संबंधित काउंसलिंग एवं प्रमाण पत्र सत्यापन कार्यक्रम का उद्घघाटन समाहरणालय स्थित अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में फीता काट कर किया।  उन्होंने मौके पर मौजूद आवेदकों से अल्पसंख्यक विकास विभाग के साथ अन्य विभागों में भी श्रृण के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने व्यवसाय शुरू करने से पूर्व प्रशिक्षण पर बल दिया ताकि व्यवसाय अच्छा से कर पायें।

 बैंकर के साथ मासिक समीक्षा बैठक किया जाएगा। किसी आवेदक को बैंक द्वारा अनावश्यक या जान बूझकर दौड़ाया जा रहा है, वैसे बैंक की शिकायत मिलने पर उक्त बैंक पर कारवाई की अनुशंसा की जाएगी। कई अभ्यर्थियों का स्वयं काउंसिलिंग भी किया, वहीं प्रमाणपत्रों कि जाँच की। आवेदकों से उनके द्वारा किये जाने वाले व्यवसाय के सबंध में विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की गयी। डीएम ने विषेशकर महिला अभ्यर्थियों को अच्छे व्यवसायिक बनने का टिप्स भी दिया। उन्होंने कहा कि जब आप स्वरोजगार करते है तो आपके साथ-साथ कई लोगो को भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध होता है। बेला वार्ड नंबर 5 निवासी राफिया खातून ने लहठी चूड़ी एवं टेलरिंग, वही बेला निवासी नीलोफर खातून ने कपड़ा की दुकान, परवाहा वार्ड नंबर 8 निवासी जाकिया खातून ने किराना दुकान, लहुरिया वार्ड मो0 शाहिद मोसरफ ने हार्डवेयर के लिए श्रृण हेतू आवेदन दिया है।  गौरतलब हो कि बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम के माध्यम से संचालित होने वाली राज्य संपोषित मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यक वर्ग को लाभान्वित करने हेतु संचालित की जाती है। 

 इस योजना में अल्पसंख्यक समुदाय के बेरोजगार युवकों एवं युवतियों को व्यवसाय के लिए  अधिकतम 5 लाख रुपये तक ऋण राशि मुहैया कराई जाती है। 

 आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए, आवेदक के परिवारिक वार्षिक आय 400000 रुपये से अधिक न हो। इस योजना के अंतर्गत निगम द्वारा 5% साधारण वार्षिक ब्याज दर पर लाभार्थियों को ऋण राशि मुहैया कराई जाती है। लाभार्थियों से 20 समान त्रैमासिक किस्तों में मूलधन और ब्याज निगम द्वारा वसूल किया जाता है। निगम मुख्यालय द्वारा ऋण स्वीकृति आदेश निर्गत कर लाभुकों के बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से ऋण राशि का भुगतान किया जाएगा। 

वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में कुल 1075 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसका काउंसलिंग एवं सत्यापन के लिए 3 टेबल बनाए गया है। कार्यक्रम 22 जून से 2 जुलाई तक लगातार जारी रहेगा। तत्पश्चात चयनित सूची को निगम को उपलब्ध कराया जाएगा निगम द्वारा स्थलीय जांच कर एवं कागजातों की जांच कर राशि लाभुकों के खाते में हस्तांतरित किया जाएगा। मौके पर डीडीसी विनय कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी अभिनय कुमार, जिला उघोग केंद्र के महाप्रबंधक वी के लाल, मो बशीर अंसारी, प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी पुपरी सुप्रिया कुमारी, नीलू कुमारी, सोनिया राज, प्रधान सहायक सैयद मो सलाउद्दीन, सत्येन्द्र नारायण सिंह, रमेश कुमार, दीपक कुमार, मो शोएब अंसारी, अमित कुमार गोस्वामी, संदीप कुमार, राम विनोद सिंह, मदरसा रहमानिया मेहसौल के पूर्व अध्यक्ष मो अरमान अली, समाज सेवी मो कमर अख्तर, मो असद बेलाल, मोजाहिदुल इस्लाम, समेत अन्य लोग मौजूद थे। 

 वहीं अल्पसंख्यक विभाग में जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र सीतामढ़ी द्वारा स्टाल लगाया गया। स्टाल पर स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता मत्स्य योजना एवं कुशल युवा कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इन योजनाओं के इच्छुक अभ्यर्थियों को लाभ लेने हेतु डीआरसीसी आईटीआई कैंपस में निबंधन कराने लिए प्रेरित किया गया। डीएम ने शिविर में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को प्रोत्साहित किया। मौके पर सहायक प्रबंधक योजना राजा कुमार, दीपक कुमार, बिट्टु कुमार, नवदीप चंद्रा, राकेश कुमार समेत अन्य ने भाग लिया।

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