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अखिल भारतीय किसान महासभा के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी एमएसपी मांग दिवस के अवसर धरना प्रदर्शन


वैशाली:
मंदसौर के शहीद किसानों की स्मृति में, अखिल भारतीय किसान महासभा के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी एमएसपी मांग दिवस के अवसर पर ,पातेपुर प्रखंड मुख्यालय परिसर में सैकड़ों किसानों ने धरना प्रदर्शन कर एम एस पी गारंटी कानून बनाने, गरीबों को सस्ते राशन के लिए ,सार्वजनिक वितरण प्रणाली का विस्तार करने, जल निकासी का प्रबंध करने, जंगली व आवारा पशुओं से फसलों की रक्षा करने, राशन कार्ड रद्द करने पर रोक लगाने, सहित अन्य मांगों के समर्थन में किसान नेता उमेश राय और देव कुमार साहनी के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान महासभा के राज्य अध्यक्ष विशेश्वर प्रसाद यादव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के संसाधनों को बेचकर कॉरपोरेट घरानों पर लुटा रही है।

 किसानों मजदूरों के लिए जारी जन कल्याणकारी योजनाओं में लगातार कटौती कर रही है। यह सरकार किसानों के साथ लिखित समझौता करके उसे लागू नहीं कर के विश्वासघात कर रही है। इस विश्वासघाती सरकार के खिलाफ किसान महासभा संयुक्तऔर स्वतंत्र रूप से आंदोलन को तेज करेगी। उन्होंने कहा कि मोदी की सरकार महंगाई बढ़ा रही है। सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थाओं को बेचकर ,रोजगार के अवसर और आरक्षण को समाप्त कर रही है। पातेपुर प्रखंड केहर लोचनपुर सुक्की गांव में सरकारी उपेक्षा और आर्थिक तंगी के कारण रंजीत साहनी के परिवार के 5 सदस्यों ने सामूहिक रूप से आत्महत्या कर लिया। समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड के मऊ गांव में मनोज झा सहित उनके परिवार के सभी 5 सदस्य आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या कर लिए इनके राशन कार्ड को इनके पास पीकप भान और ऑटो होने के आधार पर रद्द कर दिया गया था। जबकि पीकप और ऑटो को फाइनेंसर ने पूर्व में ही खींच लिया था। 

बेटी की शादी में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से इन्होंने कर्ज ले रखा था।जिसे लौटाने में अ समर्थ थे। कर्ज से तंग होकर सपरिवार आत्महत्या कर लिया उनके पिता भी 6 महीना पूर्व आत्महत्या कर चुके थे। यह घटनाएं नीतीश और मोदी के विकास की और राशन कार्ड रद्द करने के आधार को उजागर करने के लिए काफी है। इसलिए किसान महासभा एक भी राशन कार्ड रद्द नहीं करने बल्कि बचे हुए लोगों को राशन कार्ड देने राशन कार्ड के जरिए उपभोक्ताओं के आम उपभोग की वस्तु जैसे दाल चीनी मसाला सहित अन्य की भी आपूर्ति करने की मांग करती है। 

उत्तर प्रदेश की तरह नीतीश सरकार बिहार में भी बुलडोजर राज चलाने की कोशिश कर रही है। गरीबों के घरों को सरकारी जमीन से उजारा जा रहा है। जबकि इनको बसाया नहीं जा रहा है। पहले बसाओ तब हटाओ का नारा उन्होंने दिया। सभा को किसान नेता राम बहादुर सिंह, सरपंच राम प्रसिद्ध राय, रेखा देवी, हरि कुमार राय, लालबाबू मंडल, गंगा मंडल, मोहम्मद मुख्तार, यदुवंशी पासवान, गोपी माझी, शिवदानी सोहनी, बिजली पासवान, मोहन पासवान, राम स्वार्थ राय, संजीत कुमार साहनी, विजय सहनी, बिजली पासवान , सहित दर्जनों नेताओं ने संबोधित किया।

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