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पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई द्वारा शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर जिलाधिकारी को दिया गया लिखित आवेदन


वैशाली
: पातेपुर प्रखंड के भुसाहि गांव स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में गलत तरीके से दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर शिक्षक के पद पर नियोजित होकर सरकारी राशि का गवन को लेकर प्रखंड पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई द्वारा शिकायत के बाद भी कार्रवाई नही किये जाने को लेकर एक व्यक्ति ने जिला पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

 इस संबंध में प्रखंड क्षेत्र के सैदपुर डुमरा गांव निवासी रामबाबू राय के पुत्र सुशील कुमार द्वारा जिला पदाधिकारी को दिए आवेदन के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के न0 सृ0 प्रा0 विद्यालय भुसाहि में पदस्थापित शिक्षिका कुमारी इन्द्रासन द्वारा शिक्षक नियोजन के समय अपना गलत दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर नियोजित हुई थी. जिसको लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी से लिखित शिकायत की गई थी। सुशील कुमार ने बताया कि नियोजन के समय कुमारी इन्द्रासन द्वारा प्रस्तुत की गई दिव्यांगता प्रमाणपत्र में 45 प्रतिशत दिव्यांगता बताया गया है जो बिल्कुल ही गलत था। जिसके कारण योग्य अभ्यर्थी नियोजन के लाभ से वंचित रह गए. राज्य निःशक्तता आयुक्त के पत्रांक 1669 दिनांक 31/ 12/ 2020 के आलोक में सिविल सर्जन वैशाली के जांचोपरांत आइजीआइएमएस रेफर किया गया था। जहां जांच में आइजीआइएमएस पटना के चिकित्सा अधीक्षक द्वारा जारी पातेपुर पीएचसी के अधीक्षक के नाम निर्गत पत्र का पत्रांक 2435 के आलोक में शिक्षिका कुमारी इन्द्रासन का दिव्यांगता प्रतिशत 0 प्राप्त हुआ था जिसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा कार्यालय के पत्रांक 570 के द्वारा उक्त शिक्षिका का वेतन आदि भुगतान पर रोक लगाते हुए वेतनादि मद में दी गई राशि की वसूली करने एवं उसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया था। जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा निर्देश जारी किए जाने के बावजूद पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई गोविंदपुर बेला द्वारा इस दिशा में पहल करना मुनासिब नही समझा गया। जिससे परेशान आवेदक सुशील कुमार ने वैशाली डीएम से लिखित शिकायत कर उक्त मामले की जांच कराते हुए उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है।

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