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एक जिला एक उत्पाद के आधार पर बड़े प्लेटफार्म पर जिला को पहचान दिलाएंगे: जिलाधिकारी


वैशाली: 
जिलाधिकारी श्री यशपाल मीणा के द्वारा अपने कार्यालय कक्ष में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक को निर्देश दिया गया कि एक जिला एक उत्पाद के आधार पर वैशाली जिला में केला उत्पादन एवं इससे निर्मित समान पर फोकस करते हुए इसके विकास के लिए कार्य किया जाय। जिलाधिकारी के द्वारा केला, लिची और आम की समस्या और इसका निदान की जानकारी प्राप्त की गयीं और इसका उत्पादन कैसे बेहतर हो इसपर कार्य करने का निदेश दिया गया। इस बैठक में प्रगतिशील किसान भी उपस्थित थे।

उपस्थित किसानों के द्वारा बताया गया कि यहाँ केला का अच्छा फसल हो रहा है परन्तु उसमें गुल्टी हो रही है, केले का तना बीच से काला पड़ कर सड़ जा रहा है और पत्ता भी पीला होने लगता है। इसका उपाय क्रॉस रोटेशन अथवा टिस्यु कल्चर से तैयारी पौधा लगाना बताया गया। बैठक में बताया गया कि हाजीपुर, बिंदुपुर और लालगंज के लगभग 30 पंचायतों में पाँच हजार से ज्यादे किसान लगभग 4 हजार हेक्टेयर में केला की खेती कर रहे हैं। एक हेक्टेयर की खेती में 40 हजार तक का लागत आता है जबकि 65 टन के उत्पादन के साथ एक लाख रूपये तक की बिक्री हो जाती है।

इस पर जिलाधिकारी के द्वारा जिला कृषि विज्ञान के केन्द्र में किसानों का सेमिनार आयोजित कराने और केला उत्पादन इसके अन्य उत्पाद तथा इसके लिए बाजार विषय पर व्यापक चर्चा कराने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा इसके लिए एक त्रिस्तरीय टीम बनायी गयीं जिसमें सहायक निदेशक आत्मा वैशाली को नोडल, जिला कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक एवं एक प्रगतिशील किसान को रखा गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि केला की खेती करने वाले किसानों की सूची बनायी जाय जिसमें ये अंकित किया जाय कि कौन किसान कितने जमीन में केला की खेती कर रहे है। इससे किसानों का प्रोफाईल बन जाएगा। जिलाधिकारी के द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र में पाईन एप्पल, ड्रेगन फुड और स्ट्राबेरी का पौधा लगाने तथा दूसरे किसानों को भी इसे लगाने के लिए प्रोत्साहित करने का निदेश दिया गया।

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिला में 2264 एकड़ में जैविक कोरीडोर बना हुआ है जहाँ मुख्य रूप से सब्जी की खेती हो रही है। पीएम किसान सम्मान निधि से जिला के 211381 किसानों को जोड़ा गया है। जिलाधिकारी के द्वारा क्षेत्र में घुमकर और आवेदन जेनरेट करने तथा किसानों का पंजीपकर बढ़ाने का निदेश दिया गया।

जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि जिला के पटेढी बेलसर प्रखंड के नगवाँ में हैचरी लगाया गया है जो निजी क्षेत्र में है जहाँ ब्रीडिंग केन्द्र बनाया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि ब्रीडिंग का प्रोसेस कराये तो मुझे भी दिखायें। बैठक में बताया गया कि जिला में कुल 697 तालाब है जिसमें 49 को छोड़ कर सभी की बंदोबस्ती करा दी गयी है। लगभग 150 तालाब ऐसे है जहाँ उड़ाही करने की जरूरत है। इस पर जिलाधिकारी के द्वारा सूची उप विकास आयुक्त को उपलब्ध कराने एवं मनरेगा से उसकी उड़ाही करा देने का निदेश दिया गया।

बैठक में जलवायु अनुकूल कृषि एवं इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा देने तथा सभी बंद पड़े नलकूप को 15 जून तक ठीक करालेने का निदेश दिया गया बैठक में जिलाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त श्री चित्रगुप्त कुमार भी उपस्थित थे।

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