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आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत राजभाषा के प्रोत्साहन से संबंधित कार्यशाला का आयोजन


वैशाली: 
होटल प्रबंधन संस्थान , हाजीपुर ( पर्यटन मंत्रालय , भारत सरकार के अधीन स्वायत्तशासी निकाय ) में मानवाधिकार टुडे राष्ट्रीय त्रैमासिक समाचार पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 24 जून 2022 ( 3 बजे अपराह्न ) को संस्थान के सभागार में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत राजभाषा के प्रोत्साहन से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला का उदघाटन श्री ज्ञानेश्वर प्रकाश ( जिला जनसंपर्क पदाधिकारी , वैशाली ) , श्री कल्याण मुखर्जी ( विभागाध्यक्ष 2 आई एच एम हाजीपर ) , मुर्तजा कमाल ( राजभाषा अधिकारी , आई एच एम हाजीपर ) , डॉ 0 जितेन्द्र कुमार ( प्राचार्य , कैन्ट होमियोपैथिक महाविद्यालय , वैशाली ) , श्री संजय कुमार ( शिक्षाविद ) , श्री शशिभूषण कुमार ( संपादक / प्रकाशक , मानवाधिकार टूडे मीडिया हाउस ) ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्जवलित कर किया । 

श्री कल्याण मुखर्जी ( विभागाध्यक्ष -2 ) ने बताया कि आज हिन्दी कार्यशाला का आयोजन राजभाषा के प्रोत्साहन के संबंध में विस्तृत जानकारियाँ साझा करने के लिए किया गया है ताकि संस्थान के कर्मचारियों के साथ साथ विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हिन्दी प्रेमी राजभाषा के प्रोत्साहन की दिशा में बढ़चढ़ कर हिस्सा लें । श्री ज्ञानेश्वर प्रकाश ( जिला जनसंपर्क पदाधिकारी , वैशाली ) ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 ( 1 ) के अनुसार हिन्दी राजभाषा है । उन्होंने आगे कहा कि हमें कार्यालयों में हिन्दी का प्रयोग अधिक से अधिक करना चाहिए । हिन्दी बोलने में गर्व महसूस करना चाहिए । डॉ 0 जितेन्द्र कुमार ने कहा कि हिन्दी जनसंपर्क की भाषा है । भारत की आजादी में हिन्दी के साथ - साथ अन्य सभी भाषाओं की भूमिका अति महत्वपूर्ण रही है । हिन्दी सभी भाषाओं की रानी है जबकि अन्य भाषाएँ उनकी सहेलियाँ हैं । श्री अमित कुमार विश्वास ने कहा कि हिन्दी जनजन की भाषा है । महात्मा गाँधी का विचार था कि हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा बने । वे हिन्दी भाषा के कट्टर समर्थक थे । इस दौरान श्री मुर्तजा कमाल , राजभाषा अधिकारी ने बताया ने बताया की हिन्दी हमारी देश की शान है और अपने सम्मान को बढ़ाने के लिए हमें हिन्दी भाषा को शिखर तक पहुंचाना होगा । उन्होंने बताया की यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज हमारी राजभाषा हिन्दी को प्रचार प्रसार की आवश्यकता आ पड़ी है । 

आज की युवा पीढ़ी अपने दिनचर्या के कार्यकलापों में और विभिन्न संस्थानों / विभागों के कर्मचारी अपने कार्यों में हिन्दी भाषा की जगह अंग्रेजी का प्रयोग कर रहे हैं । उन्होंने बताया की हिन्दी सरल भाषा है एवं हमें अपने स्तर से सभी जगह इसका प्रयोग किये जाने पर जोर देना चाहिए क्यूंकि हिन्दी ही हमारे देश की शान है और हमारा सम्मान है । मुर्तजा कमाल ने बताया कि अंग्रेजी , स्पेनिश और मंदारिन के बाद हिन्दी विश्व में चौथी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है । उन्होंने कविता की पंक्ति " हिन्दी है हम वतन है , हिन्दोस्ता हमारा " का जिक करते हुए बताया की यदि हम सभी लोग केवल इस पंक्ति के सारांश को ही भली - भांति समझकर अपने दिनचर्या के कार्यकलापों में उतार लें तो वो दिन दूर नहीं जब सारी दुनिया में हिन्दी भाषा का परचम लहराने लगेगा अर्थात प्रयोग की जाने लगेगी । आज सरकार द्वारा भी हिन्दी भाषा के लिए व्यापाक प्रचार प्रसार किया जा रहा है एवं हिन्दी में कार्य करने पर सरकारी एवं प्राईवेट कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएँ लागू की गई हैं । उन्होंने आई एच एम हाजीपुर में हिन्दी में अधिक कार्य करने वाली महिला कर्मचारी श्रीमती प्रतिमा सिन्हा , डॉ ० जयति प्रभा सिन्हा के साथ पुरुष कर्मचारी श्री राकेश कुमार , श्री गौतम कुमार एवं श्री अंशुमन प्रभाकर के कार्यों को काफी सराहना भी की और बताया की सभी कर्मचारियों को इनसे सीख लेनी चाहिए । डॉ ० शशिभूषण कुमार ने कहा कि भारतीय संविधान के 8 वीं अनुसूची में 22 भाषाओं को स्थान दिया गया है जिसमें अंग्रेजी शामिल नहीं है । उन्होंने आगे कहा कि सिविल सेवा में भी हिन्दी भाषी छात्रों का प्रदर्शन बेहतर हो रहा है । डॉ ० जयंति प्रभा सिन्हा ने कहा कि हमें अपने बच्चों को अंग्रेजी के साथ साथ हिन्दी सीखने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए । हिन्दी माँ के समान है । मो ० हलिम ( सहायक व्याख्याता ) ने बताया कि पहले होटल प्रबंधन से संबंधित पाठ्यक्रम में बहुत सारी किताबें हिन्दी में उपलब्ध नहीं थी जिससे विधार्थियों को समझने में कठिनाईयाँ होती थी परंतु अब किताबों का हिन्दी रूपांतरण भी हो रहा है जो विधार्थियों के लिए लाभदायक सिद्ध हो रही है । संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन मुर्तजा कमाल ( राजभाषा अधिकारी ) , मो ० हलिम ( सहायक व्याख्याता ) तथा श्री अरिजित पाल ( सहायक व्याख्याता ) के मार्गदर्शन में किया गया 1 कार्यशाला में डॉ 0 नंदेश्वर प्रसाद सिंह , डॉ ० शिवबालक राय प्रभाकर , श्रीमती बबिता सिंह , श्रीमती अंजली रंजन , श्री अशुतोष सिंह , डॉ ० महेश राय , राजीव कुमार , रवि चौरसिया , आनंद मलिक ने अपने विचार व्यक्त किये । कार्यशाला में डॉ ० रवि शाक्या , अरिवंद कुमार कौशल , डॉ ० दया शंकर , प्रिंस गुप्ता , श्री दीपक कुमार साह , प्रतीक कुमार , अरविंद कुमार , अंकित कुमार , कुंदन कृष्णा , हरेन्द्र सिंह , संतोष कुमार , चंदन कुमार सहित संस्थान के सभी कर्माचारी उपस्थित थे । श्री नरेश कुमार तथा श्री प्रकाश चन्द्रा ने सभी प्रतिभागियों के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

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