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कर्ज में डूबे मनोज झा, उनकी पत्नी, दो पुत्र एवं बूढ़ी मां की आत्महत्या की हो उच्च स्तरीय जांच- बंदना सिंह

राम कुमार ब्यूरो प्रमुख समस्तीपुर



मामला काफी गंभीर है पुलिस लीपापोती करने के बजाय पारदर्शी तरीके से सच्चाई सामने लाएं

                                 बढ़ती महंगाई से निबटने को उच्च ब्याज़ दर पर लिया जा रहा कर्ज बन रहा जानलेवा


                               जन धन खाताधारकों, गरीबों, समूह से जुड़ी महिलाओं को जीवन बसर करने को ब्याजरहित लोन दे सरकार


                               जन वितरण प्रणाली के माध्यम से सरसों तेल, दाल, नमक, चीनी आदि अत्यावश्यक सामग्री भी मिले

समस्तीपुर // गरीबी से तंग कर कर्ज में डूबे समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर के मऊ में मनोज झा, उनकी बुढ़ी माँ, पत्नी एवं दो पुत्र द्वारा आत्महत्या कर लेने की घटना पर भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य सह ऐपवा जिला अध्यक्ष बंदना सिंह ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है.

   उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के अनुसार मनोज झा का परिवार गरीब था. वे लोन पर टेम्पू लेकर परिवार का भरण पोषण करते थे. इससे भी काम नहीं चलने पर वे जीवन- यापन के लिए महाजनी एवं समूह से कर्ज ले चुके थे. वे आमदनी के आभाव में कर्ज नहीं चुका पा रहे थे. कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ता जा रहा था. रविवार को कर्ज चुकाने का डेट था. वे इसे झेल नहीं पाये और सपरिवार आत्महत्या कर लिये. करीब 6 माह पूर्व उनके पिता द्वारा भी आत्महत्या कर लेने की बात ग्रामीणों ने बताया.

  माले नेत्री नेत्री श्रीमती सिंह ने घटना को  दुखद बताते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है.

  उन्होंने इस आशय से संबंधित एक ब्यान जारी कर कहा है कि नोटबंदी, कोरोना के बाद बढ़ती महंगाई से लोग परेशान हैं. अधिकांश गरीब परिवार को जीवन जीना मुश्किल हो रहा है. रोटी- कपड़ा- मकान के साथ शिक्षा- चिकित्सा असंभव- सा रो रहा है. इसकी पूर्ति करने को अधिकांश गरीब परिवार महाजनी एवं समूह, बैंक के कर्ज में डूबते जा रहे हैं. उन्होंने सरकार से गरीबों के बैंक लोन, समूह के कर्ज माफ करने, जनधन खाताधारकों को ब्याजरहित 2 लाख रूपये लोने देने, पीडीएस के माध्यम से चावल- गेहूं के अलावे सरसों तेल, दाल, नमक, चीनी, बच्चे की कापी समेत अन्य अत्यावश्यक सामग्री देने की मांग की है.

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