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हाजत में मो० गुलाब की कथित हत्या के खिलाफ थानाध्यक्ष पर 302 का मुकदमा दर्ज करने को लेकर माले ने निकाला प्रतिरोध मार्च


                              यदि मो० गुलाब को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया तो अस्पताल भेजने के बजाय हाजत में क्यों रखा गया- बंदना सिंह



          मो० गुलाब हत्याकांड की न्यायिक जांच हो-उमेश कुमार



राम कुमार ब्यूरो प्रमुख समस्तीपुर // दलसिंहसराय हाजत में जितवार के हकीमाबाद खराज निवासी मो० गुलाब की कथित हत्या के खिलाफ थानाध्यक्ष पर 302 का मुकदमा दर्ज करने, परिजन को 20 लाख रूपये मुआवजा देने, जिले में बढ़ रहे हत्या,अपराध एवं पुलिसिया जुल्म पर रोक लगाने की मांग को लेकर शनिवार को भाकपा माले ने  प्रतिरोध मार्च निकाला । मार्च बाजार क्षेत्र का भ्रमण करते हुए स्टेशन चौक पहुंचकर सभा में तबदील हो गया सभा की अध्यक्षता माले जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार ने की । जिला कमिटी सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, बंदना सिंह, ललन कुमार, उपेंद्र राय, राज कुमार चौधरी, अनील चौधरी, अरूण राय, दीपक यदुवंशी, गंगा प्रसाद पासवान, रोहित कुमार, लोकेश राज, मो० फरमान, शंकर दास, जयंत कुमार, मो० ऐनुलहक, समेत आदि ने संबोधित करते हुए पुलिस के कार्यशैली के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया । अपने अध्यक्षीय संबोधन में माले जिला सचिव प्रो० उमेश कुमार ने कहा कि जितवारपुर के हकीमाबाद खराज निवासी मो० असफाक अंसारी के पुत्र मो० गुलाब को दलसिंहसराय पेट्रोल पंप के पास ससुराल वाले पकड़कर मारते- पीटते नवादा अपना ससुराल ले गये थे । फिर घाल मो० गुलाब को स्थानीय लोगों ने अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया. 112 नंबर पर फोन कर उन्हें पुलिस के हवाले किया गया. करीब 12 बजकर 18 मिनट पर रात्रि में सीसीटीवी फुटेज में हाजत में रस्सी फंदा से खुदकुशी कर लेना बताती है जबकि 2 बजकर 58 मिनट पर पुलिस ने फोन कर मो० गुलाब को बीमार होने एवं अनुमंडल अस्पताल में ईलाज होने की बात बताकर परिजन को बुलाती है. मृतक के परिजन एवं प्रत्यक्षदर्शी मृतक का दोनों हाथ टूटा होना, कान में तेजाब डालने समेत मृतक के साथ अन्य अमानवीय व्यवहार बताते हैं । माले नेता ने पुलिस के ब्यान को झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा कि यदि मो० गुलाब को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया तो उसे अस्पताल भेजकर ईलाज कराना चाहिए, हाजत में क्यों रखा गया हाजत में फंदा बनाने के लिए रस्सी कहाँ से मृतक को मिला । ऐसे अनेक यक्ष प्रश्न हैं जिससे साबित होता है कि हाजत में हत्या की गई है उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष थाना का कस्टोडियन होते हैं थाने के अंदर संपूर्ण मामले की जिम्मेवारी थानाध्यक्ष की होती है । अत:  मामले की न्यायिक जांच कराने, थानाध्यक्ष पर 302 का मुकदमा दर्ज करने, मृतक के परिजन को 20 लाख रूपये मुआवजा देने, जिले में बढ़ रहे हत्या, अपराध एवं पुलिसिया जुल्म पर रोक लगाने अन्यथा आंदोलन तेज करने की चेतावनी माले नेता ने जिला प्रशासन को दी ।

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