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गांव में पानी की दिक्कत लेयर गई काफी नीचे किसान परेशान


वंशी
(अरवल )सोनभद्र वंशी सूर्यपुर प्रखंड के पहड़पुरा गांव में पानी का लेयर काफी नीचे जाने से पेयजल की संकट स्थिति बनी हुई है. ग्रामीण समाजसेवी उमेश शर्मा सुरेंद्र शर्मा धनंजय शर्मा सतीश शर्मा सुरेंद्र शर्मा राजेश राम करीमन राम श्री राम समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल की समस्याओ से ग्रामीण लगातार जुझ रहे है .उमेश शर्मा ने बताया कि गांव में नब्बे प्रतिशत चापाकल सुख गया है. पानी का लेयर काफी नीचे जाने से किसानों के समक्ष खेत पटवन एवं धान की रोपण करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है .सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना हर घर नल का पानी का घर घर पहुचाने में लाखों रुपए खर्च किया. लेकिन गांव में नल का पानी घर घर नही पहुँचती. नलजल योजना में धोर भ्रष्टाचार के शिकार के कारण गुणवत्तापूर्ण निर्माण नही होने से कम दिनों में ही पाइप फट गया है. पीने की पानी को लेकर ग्रामीण इधर उधर भटकते रहते हैं.

 पानी की गम्भीर समस्या को लेकर लाखो रुपये की लागत से बना पानी टँकी मात्र गांव की शोभा बनी हुई है. ग्रामीणों ने पेयजल समस्या को लेकर कोई बात सोनभद्र वंशी सूर्यपुर प्रखंड में जिम में पदाधिकारी से नल जल चालू करवाने को मांग किया ताकि भीषण गर्मी में लोगों को प्यास बुझ सके लेकिन विभागीय पदाधिकारियों का उदासीन रवैया के कारण गांव में नल जल योजना पूर्ण रूप से बंद पड़ी है जिसके कारण गांव में बराबर तू तू मैं मैं होती रहती है पानी की किल्लत से सबसे बड़ी परेशानी मवेशियों में भी देखी जा रही है ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव में नल जल योजना चालू करने को मांग किया है लेकिन धरातल पर वह अपने सरकारी तलाब को भी अतिक्रमण मुक्त नही करा सकी. गांव के नजदीक जितने भी आहर पोखर थे सभी अतिक्रमण के शिकार है. इनका अस्तित्व भी समाप्त हो गया है. जिला प्रशासन से मांग करते है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थाई निदान किया जा सके.क्योकि ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण कृषि और पशुपालन का भी कार्य किया जाता है.पोखर अहार पइन सुखी पड़ी है. पोखर में पानी नही होने से मवेशियों की काफी परेशानी है. बंद पड़े हैंं।

चापाकल ग्रामीण समाजसेवी उमेश शर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से गांव में कई चापाकल लगाए गए लेकिन आज तक सभी चापाकल बंद पड़े हैं. चापाकल मरम्मत को लेकर कई बार विभागीय पदाधिकारी से गुहार लगाई गई. लेकिन आज तक गांव में चापाकल की मरम्मत नहीं करवाई गई .जिसके कारण आज भी गांव में दर्जनों सरकारी चापाकल बंद पड़े हैं.

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