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महुआ अनुमंडल मुख्यालय स्थित अवर निबंधन कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर


वैशाली:
महुआ अनुमंडल मुख्यालय स्थित अवर निबंधन कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है. जमीन रजिस्ट्री के नाम पर रजिस्ट्रार कार्यालय में बिचौलियों का बोलबाला चल रहा है. वही निबंधन अधिकारी की मनमानी से जमीन बिक्री या खरीददारी करने वाले गांव के भोलीभाली जनता से बदस्तूर प्रतिदिन अवैध वसूली की जा रही है. परंतु इस तरफ किसी भी वरीय अधिकारियों की नजर नही पहुंच रही है. सबसे बड़ी बात यह है कि रजिस्ट्रार की मनमानी के आगे न तो किसी कातिब की चल रही है और न कोई आम आदमी इसके लिए आवाज बुलंद करने की जहमत उठाना मुनासिब समझ रहे है.

           इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार महुआ अनुमंडल मुख्यालय स्थित अवर निबंधन कार्यालय में जमीन रजिस्ट्री कराने के लिए रजिस्ट्रार प्रियदर्शन द्वारा सरकार के गाइडलाइन को ताक पर रखते हुए अपनी मनमानी से नियम कानून बना कर प्रतिदिन रजिस्ट्री कराने वाले लोगो से लाखों रुपये की उगाही की जाती है. इसका खुलासा अनुमंडल क्षेत्र के ताजपुर राजो गांव निवासी प्रमोद कुमार द्वारा आरटीआई के माध्यम से मांगी गई सूचना के जबाव में कार्यालय द्वारा दिये गए जानकारी से हुई है. रजिस्ट्री कार्यालय में वर्तमान समय मे निबंधन पदाधिकारी द्वारा लगाए गए नियम के तहत पहले एक से लेकर 25 रजिस्ट्री तक को स्पेशल अपॉइंटमेंट कोटा में रखा गया है जिसके लिए सभी चार्ज जमा करने के बाद पार्टी को 1000 रुपये अतिरिक्त अधिकारी के बिचौलियों द्वारा जमा कराना पड़ता है. 

जमीन रजिस्ट्री के लिए 26 वे रजिस्ट्री के लिए सामान्य पेपर के हेतु 2 हजार रुपये प्रति पेपर की अवैध वसूली की जाती है.वर्ष 2021के अगस्त महीने में आरटीआई के तहत प्राप्त सूचना के अनुसार सरकार के बिना किसी दिशा निर्देश एवं जारी निर्देश पत्र के बावजूद रजिस्ट्रार द्वारा 7 डिसमिल भूमि की रजिस्ट्री को आवासीय भूमि का वैल्यू देकर रजिस्ट्री कार्रवाई जा रही है जबकि इसके लिए सरकार द्वारा ऐसा कोई प्रावधान नही किया गया है. 7 डिसमिल से लेकर 12 डिसमिल भूमि के रजिस्ट्री के लिए रजिस्ट्रार द्वारा विकाशील कैडर में काटा जा रहा है जिसका भी सरकार द्वारा कोई दिशा निर्देश नही दिया गया है. 12 डिसमिल से ऊपर की भूमि के लिए कैडर किस्म में वैल्यूएशन कटता है. रजिस्ट्रार द्वारा धनहर भूमि की रजिस्ट्री प्रतिबंधित किया गया है जबकि विभाग द्वारा कोई गाइडलाइन जारी नही किया गया है.उसके लिए रजिस्ट्रार द्वारा धनहर और भीठ के मार्जिन वैल्यूएशन राशि का 50 प्रतिशत घुस के रूप में वसूली किया जाता है.जो सरासर भ्रष्टाचार है. सरकार द्वारा आदेश है कि निबंधन पदाधिकारी द्वारा 20 फीसदी रजिस्ट्री मॉडल डीड पर करना है परंतु इसके लिए पदाधिकारी द्वारा कातिब पर दबाव बनाया जा रहा है जिससे आये दिन जमीन की मॉडल रजिस्ट्री का टारगेट पूरा करने को लेकर कातिब एवं रजिस्ट्रार के बीच नोकझोंक होते रहती है. कातिब द्वारा जब इसका विरोध किया जाता है तब निबंधन पदाधिकारी द्वारा खुलेआम लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी जाती है.

 उक्त सभी सूचनाएं आरटीआई द्वारा प्राप्त सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त की गई है. बताते चले कि निबंधन कार्यालय में भ्रष्टाचार किस कदर हावी है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व में कई बार बिचौलियों द्वारा अवैध उगाही का वीडियो क्लिप भी वायरल हो चुका है. जिसके लिए कई बार वरीय अधिकारियों के यहां शिकायत भी की जा चुकी है परंतु इस पर संज्ञान लेना कोई भी अधिकारी मुनासिब नही समझ रहे है. वर्ष 2021 में प्रमोद कुमार द्वारा इसकी शिकायत जिला पदाधिकारी समेत निबंधन कार्यालय के वरीय पदाधिकारी को भी दी जा चुकी है.परंतु अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नही की जा सकी है. 

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