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ग्रामीण बैंक में एक दिवसीय हड़ताल


जमुई जिला ब्यूरो वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट 

आल इंडिया रीजनल रूरल बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के आवाहन पर आज देश भर की 43 ग्रामीण बैंकों के 70000 से ज्यादा अधिकारी एवम कर्मचारी के साथ बिहारशरीफ क्षेत्र के कर्मी एवं अधिकारी हड़ताल पर रहे। उपरोक्त हड़ताल के कारण नालंदा जिला की 104 शाखाओं सहित क्षेत्रीय कार्यालय भी पूर्णतः बंद रहा। बैंककर्मियों ने क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष धरना दिया तथा सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। उपरोक्त हड़ताल का आवाहन भारत सरकार द्वारा ग्रामीण बैंकों को भी निजीकरण के रास्ते मे ले जाने की प्रारम्भ की जा रही कार्यवाही के विरोधस्वरूप में किया गया। विदित हो कि भारत सरकार ने ग्रामीण बैंकों को अपनी वैधानिक अवस्यकताये हेतु आवश्यक कैपिटल जुटाने हेतु शेयर बाजार के माध्यम से IPO लाकर पूंजी जुटाने के निर्देश जारी कर दिए गए है जबकि एसोसिएशन सभी ग्रामीण बैंकों को एक करते हुए भारतीय राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक बनाकर ग्रामीण भारत से सीधा जुड़ी 100 करोड़ आबादी के लिए एक बैंक स्थापित करने की मांग कर रही है उपरोक्त मांग को लेकर 22 जुलाई को समस्त ग्रामीण बैंक के प्रधान कार्यालय पर एक दिवसीय धरना तथा 12 अगस्त को दिल्ली जंतर मंतर में धरना भी दिया गया और अभी तक देश भर के 100 से ज्यादा सांसदों को ज्ञापन दिया जा चुका है। इसी के साथ 30000 से ज्यादा रिक्त पदों पर भर्ती, 20000 से ज्यादा दैनिक वेतन पर कार्य कर रहे अस्थाई कर्मचारियों का नियमतिकरण, मृतक आश्रित सेवायोजना को वर्ष 2014 से लागू करना, नई पेंशन योजना को वापस लेना, बैंकिंग पेंशन नियम वर्ष 1993 को ग्रामीण बैंकों में वर्ष 1993 से प्रभावी करना, सेवा शर्तों एवम प्रमोशन नीति को बैंकिंग उद्योग अनुसार समान रूप से लागू करना आदि प्रमुख मांग शामिल है।

उपरोक्त आवाहन के तहत आज क्षेत्रीय सचिव श्री प्रवीण रंजन, अध्यक्ष श्री धनंजय कुमार, कोषाध्यक्ष श्री सतंजय कुमार, विकास कुमार, अजीत कुमार, रंधीर कुमार आदि ने हड़ताल को सफल बनाने के लिए विशाल जुलूस का नेतृत्व करते हुए सभी शाखाओं एवं क्षेत्रीय कार्यालय को बंद करवा दिया तथा सरकार विरोधी नारे लगाए।

दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोशिएशन, बिहारशरीफ इकाई

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