Breaking News

सतत विकास से हीं होगा पर्यावरण संरक्षित: डॉ सुमित कुमार


नालंदा संवाददाता:
विश्वभर में तेजी से पढ़ते नगरीकरण और औद्योगिकी करण के पर्यावरण में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गया है। प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है,जिसका प्रभाव जीव जंतुओं के अलावे वनस्पतियों पर भी दृष्टिगोचर हो रहा है। इसका मुख्य वजह विकास के नाम पर पेड़ पौधों की बलि देना है। ये बाते पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यशाला के चौथे दिन वनस्पति विभाग,नालंदा कॉलेज के डॉ सुमित कुमार ने कही। 


आगे उन्होंने कहा कि अनियंत्रित भवनों का निर्माण,सरपट सड़कों पर दौड़ती वाहन, खेतों में रसायन व कीटनाशक का प्रयोग,घर से प्रतिदिन निकलते भारी मात्रा में कचरे आदि से प्रदूषण में वृद्धि हो रही है। इसे रोकने के लिए पहले पर्याप्त संख्या में पेड़ नहीं लगाए जा रहे हैं। इसके लिए अपने छतों या खुले स्थानों पर स्थानीय पर्यावरण के अनुकूल सघन वृक्षारोपण किया जाना चाहिए। इसके लिए खुद जागरूक होना होगा और फिर लोगों को जागरूक करना होगा।

प्रकृति सेवकों की टीम की गई गठित 


इस अवसर पर गौरैया विहग फाउंडेशन के निदेशक सह कार्यक्रम के सह समन्वयक राजीव रंजन पाण्डेय ने कहा कि प्रकृति सेवकों की टीम बनाई गई है जो अपने आसपास व लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करेंगे और स्थानीय स्तर पर सर्वेक्षण कर आगे के कार्यों को अंजाम देगी।

इस अवसर पर नीतू कुमारी,सोनल कुमारी,रश्मि कुमारी,सिमरन कुमारी,रवि पासवान,अंबिका भारती सहित अन्य छात्र मौजूद थे।

कोई टिप्पणी नहीं

Type you comments here!