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बीडीसी की बैठक आयोजित , बैठक दौरान सदन में हंगामा



बिक्रमगंज । काराकाट प्रखंड मुख्यालय गोराड़ी के सभागार भवन में सोमवार को बीडीसी की बैठक की शुरुआत होते ही योजनाओं के चयन में धांधली को लेकर हंगामा हो गया । बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रखंड प्रमुख बैजंती देवी ने हंगामें को शांत कराना चाहा , लेकिन हंगामा बढ़ता गया और विपक्ष सदन को वाक आउट कर दिया । विपक्ष के बीडीसी अकबर अंसारी व अन्य पंचायत सदस्य समिति द्वारा दायर परिवाद पत्र के आलोक में प्रमुख द्वारा सरकार के आदेश के विरुद्ध पंचायत समिति क्षेत्रों को सामान्य रूप से राशि का आवंटन नहीं किए जाने से संबंधित आरोप पत्र प्राप्त होने पर निदेशक पंचायती राज विभाग बिहार पटना के आलोक में 15 वें वित्त आयोग, षष्टम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत पंचायत समिति को प्राप्त होने वाली अनुदान की राशि से क्रियान्वित होने वाली योजनाओं का चयन नियम, अधिनियम, परिपत्रों के अधीन बैठक आहूत किए जाने के निर्देश को पत्र के माध्यम से बताया गया । विपक्ष के बीडीसी ने समान रूप क्षेत्रों को समान रूप से सभी क्षेत्रों को समान रूप से योजनाओं का लाभ मिल नहीं मिलने पर विरोध प्रकट किया । जिसके बाद सभी विपक्ष के बीडीसी सदस्यों ने हंगामा करने लगे इसके बाद सभी विपक्ष वाक आउट कर बाहर निकल गये । सदन से बाहर निकलकर फर्श पर बैठ गये । धरना पर बैठने के बाद प्रमुख बैजंती देवी व बीडीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई । प्रखंड विकास पदाधिकारी सिद्धार्थ कुमार ने वर्क आउट किए बीडीसी सदस्यों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे धरने पर बैठे रहे । 11 बजे से लेकर 4 बजे तक लगातार धरना पर बैठकर नारे बाजी करते रहे । जिसके बाद जैसे हैं बीडीसी बैठक के समय की समाप्ति हुई धरना समाप्त किया गया ।गौरतलब हो कि विपक्ष के बीडीसी सदस्यों ने प्रमुख व बीडीओ से पंचायत समिति को प्राप्त होने वाली अनुदानित राशि से क्रियान्वित होने वाली योजनाओं का चयन नियम,अधिनियम के तहत करने की मांग पर अड़े रहे ।विपक्ष के बीडीसी के बारह सदस्यों में अकबर हुसैन अंसारी, राजेश राय, मोहित कुमार, सतीश यादव, राजमुख कुमार,उषा देवी, सुनीता देवी, बिंदु कुमारी, ममता कुमारी, निशा भारती , फुलझरो देवी, सीता देवी ने प्रखंड प्रमुख व बीडीओ पर मनमानी करने का आरोप लगाया । विकास कार्यों में अनदेखी की जा रही है पंचायती राज विभाग बिहार पटना के आलोक में निर्देश की अनदेखी की जाने,विकास कार्यों में बाधा उतपन्न करने का आरोप लगाया गया । कहा कि क्षेत्रों को समान रूप से योजनाओं का लाभ देने से वंचित करना घोर निंदनीय है । अगर समान रूप से योजनाओं को लाभ देने से वंचित किया जाएगा , तो सदन नहीं चलेगा ।

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